जयपुर। राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने जर्जर विद्यालय भवनों के संबंध में सख्त रुख अपनाया है। स्कूल शिक्षा के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जर्जर घोषित विद्यालय भवनों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल ध्वस्त कराया जाए तथा किसी भी स्थिति में विद्यार्थियों को ऐसे भवनों में अध्ययन न कराया जाए।
शिक्षा संकुल सभागार में मंगलवार को विभिन्न प्रकोष्ठों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यादव ने स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों के भवन जर्जर हैं, वहां विद्यार्थियों को खुले में न बैठाया जाए तथा उनके अध्ययन के लिए तत्काल वैकल्पिक एवं सुरक्षित स्थान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने बताया कि माननीय न्यायालय के निर्देशानुसार प्रदेशभर में जर्जर विद्यालय भवनों का सर्वेक्षण कराया जा रहा है। सर्वे के आधार पर चिन्हित भवनों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करते हुए विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय (केजीबीवी), स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल विद्यालय, पीएम जनमन, विशेष श्रेणी के विद्यालय, राज्य विद्यालय मानक प्राधिकरण (एसएसएसए) तथा विभिन्न सिविल कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सभी लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक के दौरान आरएससीईआरटी की निदेशक श्रीमती श्वेता फगड़िया ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत प्रस्तावित राज्य विद्यालय मानक प्राधिकरण (एसएसएसए) की स्थापना एवं अब तक आयोजित कार्यशालाओं तथा प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की।
इस अवसर पर राज्य परियोजना निदेशक एवं आयुक्त डॉ. रश्मि शर्मा ने अधिकारियों को अन्य राज्यों में विकसित एसएसएसए मॉडल का अध्ययन करने की सलाह देते हुए कहा कि उनके अनुभवों का उपयोग कर राजस्थान में सरकारी एवं निजी विद्यालयों के लिए गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और प्रभावी विद्यालय मानकों का सुदृढ़ ढांचा विकसित किया जाए।
बैठक में अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक अशोक कुमार मीणा सहित विभाग के विभिन्न प्रकोष्ठों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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