महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ और चुनाव आयोग से जुड़े आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। 27 सितंबर 2026 को नागपुर में दिए बयान में फडणवीस ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कोई वोट चोरी नहीं हुई, बल्कि राहुल गांधी का “दिमाग चोरी हो गया है।” यह टिप्पणी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच सामने आई है।
SIR को लेकर क्यों छिड़ा है विवाद?
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से चुनाव आयोग के भीतर SIR से जुड़े फैसलों को लेकर कथित मतभेद की रिपोर्टों के बाद राजनीतिक बहस तेज है। राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर चिंता जताई है। राहुल गांधी ने 23 सितंबर को ‘वोट चोरी’ को संविधान पर हमला बताते हुए चुनाव आयोग समेत भाजपा और RSS पर गंभीर आरोप लगाए थे। ये उनके राजनीतिक आरोप हैं, जिन पर संबंधित पक्षों के अलग-अलग मत हैं।
चुनाव आयोग ने क्या कहा?
विवाद के बीच चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR समेत आयोग के सभी अंतिम फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से सर्वसम्मति से लिए गए हैं। आयोग ने कहा कि किसी आयुक्त की व्यक्तिगत राय या आपत्ति को आयोग का अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता।
26 सितंबर की बैठक के बाद आयोग ने यह भी कहा कि SIR के दौरान जिन मतदाताओं को ‘अनमैप्ड’ या ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ जैसे कारणों से नोटिस मिलते हैं, उनके लिए प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा। सामान्य परिस्थितियों में बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर जाकर दस्तावेज जुटाने और उन्हें ऑनलाइन अपलोड करने में मदद करेंगे, जबकि सुनवाई केवल असाधारण मामलों में होगी।
फडणवीस ने राहुल गांधी के आरोपों पर क्या कहा?
फडणवीस ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं को लेकर लोगों के बीच भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहा है। उनके अनुसार, चुनाव आयोग जैसे संस्थानों पर लगातार सवाल उठाने से जनता के बीच चुनावी प्रक्रिया को लेकर अविश्वास पैदा हो सकता है।
इसी दौरान उन्होंने राहुल गांधी पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि “वोट चोरी नहीं हुई, राहुल गांधी का दिमाग चोरी हो गया है।” यह फडणवीस की राजनीतिक टिप्पणी है, जिसे उन्होंने विपक्ष के ‘वोट चोरी’ के आरोपों के जवाब में दिया।
पश्चिम बंगाल का उदाहरण देकर उठाया सवाल
फडणवीस ने SIR को लेकर राहुल गांधी के दावों पर सवाल उठाते हुए पश्चिम बंगाल के चुनाव नतीजों का भी जिक्र किया। उन्होंने पूछा कि यदि SIR के जरिए बड़ी संख्या में कथित तौर पर भाजपा विरोधी वोट हटाए गए थे, तो तृणमूल कांग्रेस उन क्षेत्रों में चुनाव जीतने में कैसे सफल रही जहां बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम में बदलाव या कमी की बात कही जा रही है। यह फडणवीस द्वारा उठाया गया राजनीतिक तर्क है, न कि चुनाव आयोग द्वारा वोट चोरी के आरोपों पर कोई स्वतंत्र निष्कर्ष।
विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने
SIR को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। विपक्ष मतदाता सूची की पारदर्शिता और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है, जबकि भाजपा नेताओं का कहना है कि आयोग ने प्रक्रिया को लेकर अपना स्पष्टीकरण दे दिया है।
इस पूरे विवाद में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि चुनाव आयोग ने आधिकारिक तौर पर SIR से जुड़े अंतिम फैसलों को सर्वसम्मति से लिया गया बताया है। दूसरी ओर, विपक्षी नेता आयोग की प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर अपनी आपत्तियां लगातार उठा रहे हैं।
आगे भी जारी रह सकती है सियासी बहस
राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ के आरोप और फडणवीस के पलटवार के बाद यह मुद्दा आने वाले दिनों में भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बना रह सकता है। फिलहाल दोनों पक्षों के दावे और आपत्तियां सार्वजनिक बहस में हैं, जबकि चुनाव आयोग ने अपने फैसलों को सर्वसम्मति से लिया गया बताया है। इसलिए ‘वोट चोरी’ के आरोप को स्थापित तथ्य के तौर पर नहीं, बल्कि राजनीतिक आरोप के रूप में देखना जरूरी है।








