उत्तराखंड में श्रद्धा और आस्था का महापर्व चारधाम यात्रा 2026 की शुरुआत होने जा रही है। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके साथ ही हजारों भक्तों का पवित्र चारधाम यात्रा का सपना एक बार फिर साकार होगा।
परंपरा के अनुसार, हर साल अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खोले जाते हैं, जिसके बाद चारधाम यात्रा का औपचारिक शुभारंभ माना जाता है। इस अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, वैदिक मंत्रोच्चारण और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा।
इस बार भी यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। देश-विदेश से लाखों भक्त उत्तराखंड पहुंचकर गंगा और यमुना के पवित्र धामों के दर्शन करने की तैयारी में हैं। प्रशासन की ओर से भी यात्रा को सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
सुरक्षा, स्वास्थ्य और यातायात व्यवस्था को लेकर संबंधित विभागों ने विशेष योजना तैयार की है। पहाड़ी मार्गों पर यात्रियों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क, मेडिकल कैंप और रेस्क्यू टीमों को तैनात किया गया है।
गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने के बाद क्रमशः केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के कपाट भी निर्धारित तिथियों पर खोले जाएंगे, जिसके साथ पूरी चारधाम यात्रा 2026 अपने पूर्ण स्वरूप में शुरू हो जाएगी।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों के लिए भी यह यात्रा आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि हर साल लाखों श्रद्धालुओं के आने से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा मिलता है।
फिलहाल, पूरे उत्तराखंड में धार्मिक उत्साह और भक्ति का माहौल है और श्रद्धालु बेसब्री से उस पल का इंतजार कर रहे हैं जब चारधाम के पवित्र द्वार उनके लिए खुलेंगे।







