16 मई 2026 को देश के सर्राफा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है। वैश्विक बाजारों में चल रही अनिश्चितता और डॉलर की चाल के असर से कीमती धातुओं के दामों में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। इस बदलाव के चलते निवेशकों और व्यापारियों की नजर अब पूरी तरह बाजार की आगे की दिशा पर टिकी हुई है।
जानकारी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है, जिसका असर भारतीय बाजारों पर भी दिखाई दे रहा है। वहीं चांदी के दामों में भी हल्की गिरावट और सुधार दोनों तरह की स्थिति देखी जा रही है, जिससे बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। घरेलू मांग और शादी-विवाह के सीजन की खरीदारी भी कीमतों को प्रभावित कर रही है।
सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि हाल के दिनों में सोने-चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। एक तरफ वैश्विक आर्थिक संकेतक और ब्याज दरों में बदलाव का असर है, तो दूसरी तरफ घरेलू बाजार में मांग और सप्लाई का संतुलन भी कीमतों को प्रभावित कर रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, निवेशकों को मौजूदा समय में सावधानी बरतने की जरूरत है। बाजार में स्थिरता नहीं होने के कारण जल्दबाजी में निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। हालांकि, लंबे समय के निवेश के लिए सोना अब भी एक सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है।
देश के प्रमुख शहरों में भी सोने की कीमतों में मामूली बदलाव दर्ज किया गया है, जबकि चांदी के भावों में भी हल्की हलचल देखी गई। कारोबारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक संकेतों के आधार पर कीमतों में और बदलाव संभव है।
कुल मिलाकर 16 मई 2026 का दिन सोना-चांदी के बाजार के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा है, जिससे निवेशकों की निगाहें अब आगे के रुझानों पर टिकी हुई हैं।








