मध्य पूर्व में 13 दिनों तक चले भीषण सैन्य तनाव के बाद अमेरिका ने अपने हमलों पर फिलहाल विराम लगा दिया है। हालांकि युद्ध का यह ठहराव अब एक नए अंतरराष्ट्रीय विवाद का कारण बनता दिख रहा है। ताजा घटनाक्रम में यूक्रेन की कथित सक्रियता पर ईरान ने कड़ी नाराजगी जताई है, जिसके बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।
रिपोर्टों के मुताबिक, यूक्रेन पर आरोप है कि उसने ईरान से जुड़े मुद्दों में अप्रत्यक्ष रूप से दखल दिया है। इसी को लेकर ईरान समर्थक गुटों की ओर से यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के खिलाफ तीखी चेतावनियां सामने आई हैं। कुछ बयानों में मिसाइल हमले जैसी धमकियों का भी जिक्र किया गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यूक्रेन और ईरान के बीच तनाव बढ़ता है तो इसका असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रहेगा। रूस-यूक्रेन युद्ध पहले से जारी है, वहीं मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में किसी नए मोर्चे के खुलने से वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरण और जटिल हो सकते हैं।
अमेरिका ने भले ही फिलहाल अपने सैन्य हमलों को रोक दिया हो, लेकिन उसने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में अपने सहयोगियों की सुरक्षा और रणनीतिक हितों की रक्षा के लिए वह पूरी तरह तैयार है। दूसरी ओर ईरान ने भी अपने रुख में किसी नरमी के संकेत नहीं दिए हैं और कहा है कि उसके खिलाफ किसी भी कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा।
इस बीच जेलेंस्की को मिली कथित मिसाइल हमले की धमकी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। यूक्रेन की ओर से इस तरह की धमकियों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा गया है कि देश किसी भी दबाव या डराने की कोशिश के आगे झुकने वाला नहीं है। आने वाले दिनों में इस पूरे घटनाक्रम पर दुनिया की नजरें टिकी रहेंगी, क्योंकि यह विवाद वैश्विक सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर बड़ा असर डाल सकता है।








