
ईरान और अमेरिका के बीच संभावित शांति वार्ता एक बार फिर वैश्विक राजनीति के केंद्र में आ गई है। लेकिन इस बातचीत का असर सिर्फ

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। ईरान के वरिष्ठ राजनयिक अब्बास अराघची का पाकिस्तान दौरा इस समय अंतरराष्ट्रीय

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के बीच व्हाइट हाउस की असामान्य खामोशी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दूसरी ओर, डोनाल्ड ट्रंप

मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर वैश्विक चिंता का केंद्र बन गया है। हाल के दिनों में इस महत्वपूर्ण समुद्री

ईरान से जुड़े तनावपूर्ण हालात के बीच अमेरिका द्वारा युद्धविराम बढ़ाने के फैसले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है। खासतौर पर अरब

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के बीच चल रही संघर्षविराम (सीजफायर) वार्ता एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। तय समयसीमा

अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर एक बार फिर तनाव गहरा गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने चीन से ईरान की ओर जा रहे एक जहाज

मध्य-पूर्व की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। ईरान ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित बातचीत को साफ तौर पर ठुकरा दिया

वॉशिंगटन/तेहरान (20 अप्रैल 2026): मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ओमान की

दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक Strait of Hormuz में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। इस बार निशाने पर भारतीय
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