नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को निर्देश दिया है कि वे बहुचर्चित फिल्म ‘दूसरा’ (Doosra) के उन विशिष्ट हिस्सों और दृश्यों को चिह्नित करें, जो उनके व्यक्तित्व अधिकारों (Personality Rights) का उल्लंघन करते हैं। न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने प्रतिवादियों को फिल्म से भरी एक पेन ड्राइव अदालत में जमा करने का आदेश दिया। इसके साथ ही गांगुली के पक्ष को समय (टाइमस्टैम्प) के साथ आपत्तिजनक दृश्यों और उन पर अपनी आपत्तियों का पूरा ब्योरा एक तालिका के रूप में प्रस्तुत करने को कहा गया है, ताकि वीकेंड में अदालत इसका समीक्षा कर 2 नवंबर को मामले की सुनवाई कर सके।
पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली के साथ-साथ उनके जीवन पर बायोपिक ‘दादा’ बना रही निर्माण कंपनी ‘लव फिल्म्स एलएलपी’ ने भी अदालत में याचिका दायर की है। याचिका में दावा किया गया है कि अभिनय देव द्वारा निर्देशित फिल्म ‘दूसरा’ में बिना अनुमति के गांगुली के जीवन, छवि और ऐतिहासिक नैटवेस्ट (NatWest) मैच के घटनाक्रमों का उपयोग किया गया है, जिससे उनके संविदात्मक अधिकारों (Contractual Rights) का हनन होता है। अदालत ने लव फिल्म्स को अपनी आगामी बायोपिक की पांडुलिपि (स्क्रिप्ट) एक सीलबंद लिफाफे में जमा करने का निर्देश दिया है ताकि यह देखा जा सके कि प्रतिवादियों की फिल्म से उनके अधिकारों का उल्लंघन किस प्रकार हो रहा है।
दूसरी ओर, फिल्म निर्माताओं के वरिष्ठ वकील ने सभी आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उन्होंने खेल से जुड़ी क्लिपिंग्स का उपयोग करने के लिए कॉपीराइट धारकों से विधिवत अनुमति ली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राजस्थान की एक मध्यमवर्गीय लड़की की काल्पनिक कहानी है, जिसमें सौरव गांगुली केवल प्रेरणा के स्रोत के रूप में दिखाई देते हैं। इससे पहले हाईकोर्ट ने फिल्म की सिनेमाघरों में रिलीज रोकने से इनकार कर दिया था, लेकिन अब ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर इसकी प्रस्तावित रिलीज को ध्यान में रखते हुए अंतरिम रोक की मांग पर विस्तृत सुनवाई की जा रही है।








