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August 23, 2026 12:25 pm

CJP टीम पर हमले का मामला गरमाया! हमलावरों के BJP कनेक्शन पर क्या सामने आया, जानें पूरा विवाद

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जयपुर: राजस्थान के जयपुर के बगरू इलाके के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में CJP टीम के साथ हुई कथित मारपीट का मामला अब राजनीतिक विवाद में बदल गया है। 21 अगस्त को सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने पहुंची CJP टीम का ग्रामीणों ने विरोध किया। CJP ने आरोप लगाया कि टीम पर हमला किया गया, गाड़ियों में तोड़फोड़ हुई और पत्थरबाजी भी की गई। इसके बाद संगठन की ओर से हमले के पीछे BJP से जुड़े लोगों का हाथ होने का आरोप लगाया गया।

CJP ने लगाया BJP कनेक्शन का आरोप

CJP नेता आशुतोष रांका और अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि हमले में शामिल लोग BJP से जुड़े हुए थे। रांका ने दावा किया कि कुछ कथित हमलावर घटना से एक रात पहले स्थानीय BJP विधायक कैलाश वर्मा के साथ दिखाई दिए थे। CJP ने इसे सुनियोजित हमला बताया और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

हालांकि, ये आरोप अभी जांच का विषय हैं। किसी व्यक्ति का किसी राजनीतिक दल के समर्थकों के बीच मौजूद होना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि वह पार्टी का अधिकृत कार्यकर्ता था या हमला पार्टी के निर्देश पर हुआ था।

ग्रामीणों ने क्या कहा?

दूसरी तरफ गांव के लोगों ने CJP के आरोपों को खारिज किया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी ओर से CJP टीम का विरोध कर रहे थे और उन्होंने टीम को स्कूल में प्रवेश नहीं करने देने की कोशिश की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, विरोध की अगुवाई कर रहे लालचंद शर्मा का BJP से पुराना जुड़ाव रहा है, लेकिन उन्होंने कहा कि फिलहाल वह किसी राजनीतिक दल से जुड़े नहीं हैं।

एक अन्य ग्रामीण शंकरलाल शर्मा ने भी BJP से जुड़े होने के आरोपों से इनकार किया। उनका कहना था कि गांव के लोग खुद इकट्ठा हुए थे और किसी राजनीतिक संगठन के निर्देश पर विरोध नहीं किया गया।

विधायक कैलाश वर्मा का क्या कहना है?

विवाद के बाद स्थानीय BJP विधायक कैलाश वर्मा भी ग्रामीणों से मिलने पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों का बचाव करते हुए कहा कि यह उनका अपना गांव है और वहां के लोगों से उनका पुराना संबंध है। विधायक ने CJP की ओर से ग्रामीणों के लिए कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए आपत्तिजनक शब्दों पर भी आपत्ति जताई।

विधायक का कहना है कि स्कूल की समस्या को लेकर पहले ही करीब 18 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की जा चुकी है। ऐसे में ग्रामीणों का कहना था कि स्कूल की समस्या का समाधान स्थानीय स्तर पर किया जा रहा है।

विवाद की असली वजह क्या थी?

पूरा विवाद CJP के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान से जुड़ा है। संगठन की टीम सरकारी स्कूलों की स्थिति का जायजा लेने के लिए रामपुरा-कंवरपुरा पहुंची थी। रिपोर्टों के मुताबिक, जिस स्कूल का निरीक्षण किया जाना था, उसकी इमारत की स्थिति खराब बताई गई है और बच्चों की पढ़ाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की बात सामने आई है।

CJP का कहना है कि उसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति को सामने लाना है। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि बाहरी राजनीतिक समूह को गांव और स्कूल के मामले में दखल नहीं देना चाहिए।

क्या हमले में सिर्फ BJP कार्यकर्ता थे?

फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों से यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि हमले में शामिल सभी लोग BJP के अधिकृत कार्यकर्ता थे। कुछ लोगों के BJP समर्थक होने या किसी स्थानीय नेता से उनके संपर्क की बात सामने आई है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि हमला BJP के संगठनात्मक निर्देश पर हुआ।

यही इस पूरे विवाद का सबसे अहम पहलू है। CJP राजनीतिक कनेक्शन का आरोप लगा रहा है, जबकि ग्रामीण और स्थानीय BJP पक्ष इसे खारिज कर रहे हैं। इसलिए अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और उपलब्ध सबूतों के आधार पर ही निकाला जा सकता है।

दोनों पक्षों की ओर से FIR

मामला सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा। घटना के बाद दोनों पक्षों की शिकायतों पर पुलिस में मामले दर्ज किए गए हैं। इससे अब विवाद कानूनी प्रक्रिया में भी पहुंच गया है। पुलिस को घटना के दौरान मौजूद लोगों के बयान, वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच करनी होगी।

FIR में किसी व्यक्ति का नाम होना या किसी पर आरोप लगना अपराध साबित होने के बराबर नहीं है। जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

स्कूल की बदहाली भी बनी मुद्दा

हमले के बाद मूल मुद्दा यानी सरकारी स्कूल की स्थिति भी चर्चा में आ गई है। रिपोर्टों में स्कूल भवन की खराब हालत और बच्चों की पढ़ाई के लिए वैकल्पिक जगह इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। राजस्थान सरकार के आंकड़ों को लेकर भी राज्य में स्कूलों के बुनियादी ढांचे पर बहस शुरू हुई है।

यानी जयपुर का यह विवाद अब तीन स्तरों पर चर्चा में है—सरकारी स्कूलों की स्थिति, CJP टीम के साथ कथित हिंसा और हमले में राजनीतिक कनेक्शन के आरोप।

जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर

फिलहाल CJP और ग्रामीणों के दावे एक-दूसरे से अलग हैं। CJP जहां हमले के पीछे BJP से जुड़े लोगों का हाथ होने का आरोप लगा रहा है, वहीं ग्रामीण और स्थानीय BJP पक्ष इसे राजनीतिक रंग देने का आरोप लगा रहे हैं।

ऐसे में सबसे अहम भूमिका पुलिस जांच की होगी। कौन लोग मौके पर मौजूद थे, किसने हिंसा की, क्या किसी राजनीतिक संगठन की प्रत्यक्ष भूमिका थी और घटना के पीछे वास्तविक वजह क्या थी—इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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