राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में में रेलवे ट्रैक पर हुए जोरदार धमाके से इलाके में हड़कंप मच गया। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि करीब 200 मीटर दूर तक सुनाई दी। घटना के बाद रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। रेलवे ट्रैक पर ब्लास्ट की सूचना मिलते ही मौके पर जांच शुरू की गई और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। इस घटना के चलते रेल यातायात भी प्रभावित हुआ और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
जानकारी के मुताबिक, धमाके से करीब 45 मिनट पहले इसी रेलवे ट्रैक से एक पैसेंजर ट्रेन गुजर चुकी थी। ऐसे में घटना की गंभीरता और बढ़ गई। गनीमत रही कि ट्रेन के गुजरने के बाद धमाका हुआ। यदि ट्रेन उस समय ट्रैक से गुजर रही होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के सामने आने के बाद रेलवे अधिकारियों ने पूरे मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी।
धमाके के बाद रेलवे ट्रैक और आसपास के इलाके का निरीक्षण किया गया। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ब्लास्ट किस वजह से हुआ और इसके पीछे किसी की साजिश तो नहीं है। घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही धमाके की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।
चार ट्रेनें की गईं रद्द, यात्रियों को हुई परेशानी
रेलवे ट्रैक पर ब्लास्ट की घटना के बाद यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेल संचालन पर असर पड़ा। एहतियात के तौर पर चार ट्रेनों को रद्द कर दिया गया। इसके अलावा रेलवे प्रशासन ने संबंधित रूट पर सुरक्षा जांच और ट्रैक की स्थिति का जायजा लेने की प्रक्रिया शुरू की।
ट्रेनें रद्द होने से यात्रियों को अपनी यात्रा में बदलाव करना पड़ा। रेलवे प्रशासन की प्राथमिकता ट्रैक की सुरक्षा सुनिश्चित करना और रेल यातायात को सुरक्षित तरीके से बहाल करना है।
सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटीं
घटना के बाद रेलवे पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि धमाका दुर्घटनावश हुआ या इसके पीछे किसी शरारती तत्व अथवा साजिश का हाथ है। फिलहाल घटना से जुड़े सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
राजस्थान में रेलवे ट्रैक पर हुए इस ब्लास्ट ने रेल सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह है कि धमाके से महज 45 मिनट पहले पैसेंजर ट्रेन वहां से गुजरी थी। अब जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और रेलवे प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।








