उत्तर प्रदेश के नोएडा में हुए कथित हिंसा मामले की जांच में पुलिस को एक बड़ा सुराग हाथ लगा है। जांच के दौरान सामने आया है कि मुख्य आरोपी के पास इलाके में काम करने वाले मजदूरों का विस्तृत डेटा मौजूद था, जिसे लेकर सुरक्षा एजेंसियां अब गंभीरता से जांच कर रही हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी के पास कई मजदूरों की व्यक्तिगत जानकारी, उनके कामकाज और गतिविधियों से जुड़ा रिकॉर्ड पाया गया है। शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि वह पिछले कुछ वर्षों से अलग-अलग संगठनों से जुड़ा हुआ था और उसकी गतिविधियों पर पहले से भी नजर रखी जा रही थी।
बताया जा रहा है कि आरोपी ने लगभग पांच साल पहले इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी और नौकरी की तलाश में नोएडा आया था। इसी दौरान उसके कुछ संगठनों से संपर्क होने की बात सामने आ रही है, जिसके बाद उसके व्यवहार और गतिविधियों में बदलाव देखा गया।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मजदूरों का यह डेटा किस उद्देश्य से इकट्ठा किया गया था और क्या इसके पीछे किसी बड़ी साजिश की आशंका है। जांच एजेंसियां डिजिटल डिवाइस, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेजों की भी गहन जांच कर रही हैं।
इस मामले को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और शहर में अतिरिक्त निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि किसी भी संभावित साजिश का समय रहते खुलासा किया जा सके।
फिलहाल, आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस जल्द ही इस पूरे मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जता रही है।







