नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर बने टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले गैर-वाणिज्यिक वाहन मालिकों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। सरकार 1 नवंबर 2026 से पात्र स्थानीय निवासियों के लिए ‘रियायती लोकल पास’ योजना की शुरुआत करने जा रही है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले लोगों के लिए दैनिक आवागमन को आसान और किफायती बनाना है।
मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, नगरपालिका या स्थानीय नगर क्षेत्र की सीमा के बाहर स्थित टोल प्लाजा के लिए इस रियायती लोकल पास का वार्षिक शुल्क 1,500 रुपये तय किया गया है। वहीं, इन सीमाओं के भीतर स्थित टोल प्लाजा के लिए वार्षिक पास शुल्क 3,000 रुपये होगा।
यह पास केवल वैध और सक्रिय फास्टैग (FASTag) धारक गैर-वाणिज्यिक निजी वाहन चालकों के लिए ही मान्य होगा। पात्र वाहन मालिक अपने संबंधित टोल प्लाजा के लिए मौजूदा मासिक पास या फिर इस नए वार्षिक रियायती लोकल पास में से किसी एक विकल्प को चुन सकते हैं। यह पास केवल उसी विशिष्ट टोल प्लाजा के लिए मान्य होगा जिसके लिए इसे जारी किया गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह रियायती पास उन राजमार्गों या एक्सप्रेसवे पर लागू नहीं होगा जहाँ टोल टैक्स की वसूली ‘क्लोज्ड यूजर-फी कलेक्शन सिस्टम’ के तहत की जाती है, अथवा जहाँ यात्रियों के लिए अलग से सर्विस रोड या वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध है।
इस व्यवस्था को राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दर निर्धारण और संग्रह) नियम, 2026 के माध्यम से अधिसूचित किया गया है। योग्य वाहन चालक 1 नवंबर से टोल प्लाजा या ‘राजमार्ग यात्रा’ मोबाइल ऐप के ज़रिए इस पास के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा, मंत्रालय ने बताया कि पिछले वर्ष शुरू किए गए सामान्य ‘फास्टैग वार्षिक पास’ (शुल्क 3,075 रुपये) ने हाल ही में 1 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ताओं का आंकड़ा पार कर लिया है।








