देश में ₹20 के नकली सिक्कों का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने नकली सिक्के बनाने और बाजार में खपाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। जांच में हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड तक फैले नेटवर्क का खुलासा हुआ है। आरोपियों ने दावा किया है कि वे अब तक 70 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के नकली सिक्के बाजार में चला चुके हैं। हालांकि, पुलिस ने इस दावे की अभी पुष्टि नहीं की है।
इस मामले ने लोगों के मन में एक सवाल खड़ा कर दिया है कि कहीं उनकी जेब में रखा ₹20 का सिक्का भी नकली तो नहीं है? आइए जानते हैं इस मामले की पूरी जानकारी और असली-नकली सिक्कों में अंतर पहचानने के कुछ तरीके।
सोनीपत से सहारनपुर तक फैला नकली सिक्कों का नेटवर्क
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नकली सिक्के बनाने वाली एक यूनिट हरियाणा के सोनीपत में करीब 10 महीने से संचालित हो रही थी। बाहर से इस यूनिट में पेचकस बनाने का काम दिखाया जाता था, लेकिन पुलिस के अनुसार यहां ₹20 के नकली सिक्के तैयार किए जा रहे थे।
13 सितंबर को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पुलिस ने आरोपियों को मशीनें दूसरी जगह ले जाते समय पकड़ा। कार्रवाई के दौरान छह भारी मशीनें, नकली सिक्के और सिक्के बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 6,400 नकली ₹20 के सिक्के भी बरामद किए, जिनकी कुल कीमत 1.28 लाख रुपये बताई गई। इसके अलावा अधबने सिक्के भी मिले।
बाजार में नकली सिक्के कैसे खपाए जाते थे?
पुलिस के मुताबिक, आरोपी नकली सिक्कों को बिचौलियों के जरिए बाजार में पहुंचाते थे। कथित तौर पर 200 रुपये मूल्य के नकली सिक्के 160 रुपये में दिए जाते थे।
इसके बाद इन सिक्कों को टोल प्लाजा, छोटी दुकानों, कस्बों और अन्य जगहों पर चलाने की कोशिश की जाती थी। पुलिस का कहना है कि गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था।
₹20 के असली और नकली सिक्के में कैसे करें फर्क?
अगर आपके पास ₹20 का सिक्का है, तो उसकी जांच करते समय कुछ बातों पर ध्यान दे सकते हैं।
1. सिक्के की बनावट और आकार देखें
असली सिक्के की बनावट निर्धारित मानकों के अनुरूप होती है। सिक्का बहुत ज्यादा टेढ़ा, असमान या खराब तरीके से बना दिखाई दे, तो सावधानी बरतें।
2. डिजाइन और लिखावट पर ध्यान दें
सिक्के पर अंकित ₹20, अशोक स्तंभ और अन्य डिजाइन को ध्यान से देखें। असली सिक्के पर डिजाइन स्पष्ट और संतुलित होता है। धुंधली लिखावट या असामान्य डिजाइन संदेह पैदा कर सकता है।
3. बाहरी और अंदरूनी धातु के जोड़ को देखें
₹20 का सिक्का दो अलग-अलग रंगों वाली धातुओं से बना होता है। दोनों हिस्सों के जोड़ पर असामान्य गैप, ढीलापन या खराब फिनिशिंग दिखाई दे, तो सिक्के की जांच कराएं।
4. वजन और मोटाई में असामान्यता पर ध्यान दें
अगर सिक्का सामान्य सिक्कों की तुलना में बहुत हल्का, भारी या असमान मोटाई वाला महसूस होता है, तो उसके नकली होने की आशंका हो सकती है। हालांकि, केवल वजन या स्पर्श से सिक्के के नकली होने की पुष्टि नहीं की जा सकती।
नकली सिक्का मिलने पर क्या करें?
अगर आपको किसी ₹20 के सिक्के पर संदेह है, तो उसे जानबूझकर किसी दूसरे व्यक्ति को देने या बाजार में चलाने से बचें।
- सिक्के को अलग रख लें।
- अपने बैंक या संबंधित अधिकारियों से जांच के लिए संपर्क करें।
- सिक्के की तस्वीर और उसे प्राप्त करने की परिस्थितियों का रिकॉर्ड रखें।
- नकली मुद्रा के कारोबार की जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचित करें।
- नकली सिक्कों को लेकर क्यों बढ़ी चिंता?
नकली सिक्कों का कारोबार आम लोगों के लिए आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है। छोटे दुकानदारों, व्यापारियों और आम ग्राहकों को ऐसे सिक्कों के कारण नुकसान उठाना पड़ सकता है।
फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तथा नकली सिक्कों के वितरण नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।








