धनतेरस और दिवाली से पहले सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए बाजार से बड़ी खबर सामने आई है। कीमती धातुओं की कीमतों में एक बार फिर तेज गिरावट दर्ज की गई है। चांदी के भाव में करीब 8,000 रुपये की बड़ी टूट देखने को मिली, जबकि सोने की कीमतों में भी गिरावट आई है। लगातार उतार-चढ़ाव के बीच सोना-चांदी खरीदने वाले ग्राहकों की नजर अब बाजार के अगले रुख पर टिकी है।
चांदी की कीमतों में फिर बड़ी गिरावट
चांदी की कीमतों में हाल के दिनों में लगातार दबाव देखने को मिल रहा है। 3 नवंबर को भी चांदी के भाव में करीब 8,000 रुपये की गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले भी चांदी की कीमतों में बड़ी टूट देखने को मिली थी। लगातार गिरते भाव ने निवेशकों और खरीदारों को हैरान कर दिया है।
चांदी की कीमतों में इस तरह की गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी और निवेशकों की बिकवाली को अहम वजह माना जा रहा है। वैश्विक स्तर पर डॉलर की चाल, ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें और बाजार में जोखिम लेने की धारणा भी कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करती हैं।
सोना भी हुआ सस्ता, खरीदारों को मिल सकती है राहत
चांदी के साथ सोने की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है। सोने के भाव नीचे आने से उन लोगों को राहत मिल सकती है, जो धनतेरस और दिवाली के मौके पर गहने या सिक्के खरीदने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, सोने की कीमतों में भी रोजाना बदलाव हो रहा है और बाजार की स्थिति के अनुसार भाव ऊपर-नीचे हो सकते हैं।
सोना पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश का विकल्प माना जाता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाली हलचल का असर इसकी कीमतों पर भी पड़ता है। डॉलर मजबूत होने, अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर संकेत बदलने और निवेशकों की मुनाफावसूली से सोने पर दबाव बन सकता है।
आखिर क्यों गिर रहे हैं सोने-चांदी के दाम?
सोने और चांदी की कीमतें केवल घरेलू मांग से तय नहीं होतीं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत, डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों की स्थिति, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और निवेशकों की खरीद-बिक्री का सीधा असर पड़ता है। जब निवेशक मुनाफा निकालने के लिए बिकवाली करते हैं, तो कीमतों में तेज गिरावट आ सकती है।
चांदी की कीमतों पर औद्योगिक मांग का भी असर पड़ता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और कई अन्य उद्योगों में चांदी का इस्तेमाल होता है। ऐसे में औद्योगिक मांग को लेकर आशंकाएं बढ़ने पर इसकी कीमतों में दबाव देखने को मिल सकता है।
धनतेरस पर खरीदारी करने वालों के लिए क्या है संकेत?
धनतेरस पर सोना और चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। ऐसे में त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई गिरावट ग्राहकों के लिए राहत की खबर हो सकती है। हालांकि, केवल एक दिन की गिरावट देखकर खरीदारी का फैसला करना सही नहीं होगा। बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
खरीदारी से पहले अपने शहर के ताजा रेट जरूर जांचें, क्योंकि ज्वेलरी की कीमतों में स्थानीय टैक्स, मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क के कारण अंतर हो सकता है। साथ ही हॉलमार्क वाले आभूषण खरीदें और बिल जरूर लें।
कुल मिलाकर, धनतेरस से पहले सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने बाजार में हलचल बढ़ा दी है। चांदी का करीब 8,000 रुपये सस्ता होना और सोने के भाव में नरमी खरीदारों के लिए राहत का संकेत है, लेकिन आने वाले दिनों में कीमतों की दिशा अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुख पर निर्भर करेगी।








