भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को भारी गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत, अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में कारोबार करते नजर आए। बाजार में आई इस गिरावट के बीच निवेशकों का रुझान एक बार फिर सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोना और चांदी की ओर बढ़ा, जिससे कीमती धातुओं की कीमतों में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी अनिश्चितता का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा, जिसके चलते शेयर बाजार में बिकवाली तेज हो गई।
इसी बीच सर्राफा बाजार में भी हलचल देखने को मिली। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के दाम में बदलाव दर्ज किया गया, जबकि चांदी की कीमतों में भी बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कई प्रमुख शहरों—दिल्ली, मुंबई, जयपुर, लखनऊ और पटना—में नए भाव जारी किए गए हैं। कारोबारियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल और घरेलू मांग के कारण सोना-चांदी की कीमतों में यह बदलाव आया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब शेयर बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है, तब निवेशक जोखिम वाले निवेश से पैसा निकालकर सोना जैसी सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर रुख करते हैं। हालांकि, ब्याज दरों और वैश्विक आर्थिक संकेतों का असर भी सोने की कीमतों पर बना हुआ है, इसलिए आने वाले दिनों में कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
जानकार निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि मौजूदा अस्थिर बाजार में किसी भी निवेश का फैसला जल्दबाजी में न लें। यदि आप सोना-चांदी खरीदने या शेयर बाजार में निवेश की योजना बना रहे हैं, तो ताजा बाजार भाव और विशेषज्ञों की सलाह को ध्यान में रखकर ही निर्णय लें। फिलहाल, वैश्विक घटनाक्रमों के कारण वित्तीय बाजारों में अस्थिरता बनी रहने की संभावना जताई जा रही है।








