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November 3, 2026 2:39 pm

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जम्मू-कश्मीर की सियासत में बड़ा बदलाव! आगा रुहुल्लाह मेहदी छोड़ेंगे NC और लोकसभा सीट, अब नए राजनीतिक आंदोलन की तैयारी?

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जम्मू-कश्मीर की राजनीति में 3 नवंबर को बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। श्रीनगर से सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) से अपना नाता तोड़ने और लोकसभा की सदस्यता छोड़ने का फैसला किया है। पार्टी नेतृत्व के साथ लंबे समय से चल रहे मतभेदों के बीच उनका यह कदम जम्मू-कश्मीर की सियासत में नई चर्चा का विषय बन गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या रुहुल्लाह मेहदी अपनी अलग राजनीतिक ताकत खड़ी करेंगे या किसी नए मंच के जरिए आगे की राजनीति करेंगे।

अनुच्छेद 370 और चुनावी वादों को लेकर बढ़े मतभेद

रुहुल्लाह मेहदी और नेशनल कॉन्फ्रेंस नेतृत्व के बीच मतभेद पिछले एक साल से अधिक समय से सामने आ रहे थे। उन्होंने पार्टी पर 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया था। उनके मुताबिक, चुनाव में अनुच्छेद 370 की बहाली, राजनीतिक बंदियों की रिहाई और जम्मू-कश्मीर के अधिकारों की सुरक्षा जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी गई थी, लेकिन सरकार बनने के बाद इन पर अपेक्षित तरीके से काम नहीं हुआ।

रुहुल्लाह ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पार्टी नेतृत्व की राजनीतिक प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि पार्टी को अपने चुनावी वादों के प्रति जवाबदेह होना चाहिए।

करीब 24 साल पुराना रिश्ता खत्म

आगा रुहुल्लाह मेहदी का नेशनल कॉन्फ्रेंस से करीब 24 साल पुराना राजनीतिक संबंध रहा है। वह पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल थे और 2024 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने पार्टी के लिए प्रचार भी किया था। इसी साल हुए लोकसभा चुनाव में उन्होंने श्रीनगर सीट से जीत दर्ज की थी।

हालांकि, सरकार बनने के बाद आरक्षण नीति और अनुच्छेद 370 सहित कई मुद्दों पर उनकी पार्टी से असहमति सामने आने लगी। धीरे-धीरे यह मतभेद सार्वजनिक बयानबाजी और पार्टी नेतृत्व की आलोचना तक पहुंच गया। आखिरकार उन्होंने पार्टी और संसद दोनों से अलग होने का फैसला किया।

नई पार्टी नहीं, संगठित राजनीतिक आंदोलन पर जोर

रुहुल्लाह मेहदी के अगले कदम को लेकर जम्मू-कश्मीर में काफी चर्चा है। हालांकि, उन्होंने तत्काल नई राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा नहीं की है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि 3 नवंबर के बाद वह एक संगठित राजनीतिक आंदोलन खड़ा करने की कोशिश करेंगे। उनका जोर ऐसी राजनीतिक व्यवस्था बनाने पर है, जिसमें व्यक्तिगत नेताओं के बजाय विचारों, सिद्धांतों और राजनीतिक चरित्र को महत्व मिले।

इसलिए फिलहाल उनके अगले कदम को नई पार्टी के गठन के तौर पर देखना जल्दबाजी होगी। उनका घोषित इरादा एक ऐसा राजनीतिक आंदोलन तैयार करना है, जो अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों को एक मंच पर ला सके।

NC के लिए क्या होंगे राजनीतिक मायने?

रुहुल्लाह मेहदी का पार्टी छोड़ना नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम है। वह श्रीनगर से सांसद होने के साथ कश्मीर की राजनीति में एक प्रभावशाली चेहरा रहे हैं। उनके अलग होने से पार्टी के भीतर असहमति और नेतृत्व के सामने मौजूद चुनौतियों पर फिर से चर्चा तेज हो सकती है।

अब यह देखना अहम होगा कि रुहुल्लाह के साथ कोई अन्य नेता या जनप्रतिनिधि भी जुड़ता है या नहीं। साथ ही, उनका प्रस्तावित राजनीतिक आंदोलन किस स्वरूप में सामने आता है और जम्मू-कश्मीर की राजनीति में उसकी क्या भूमिका रहती है, इस पर सबकी नजर रहेगी।

लोकसभा सीट पर भी रहेगी नजर

रुहुल्लाह मेहदी ने श्रीनगर लोकसभा सीट छोड़ने का फैसला भी किया है। हालांकि, इस्तीफे की औपचारिक प्रक्रिया और उसकी स्वीकृति अलग संसदीय प्रक्रियाएं हैं। यदि उनका इस्तीफा स्वीकार होता है, तो श्रीनगर सीट खाली होगी और आगे उपचुनाव की स्थिति बन सकती है।

कुल मिलाकर, आगा रुहुल्लाह मेहदी का नेशनल कॉन्फ्रेंस से अलग होना जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक नया मोड़ है। अब उनका राजनीतिक आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है और क्या इससे प्रदेश में कोई नया सियासी मंच तैयार होता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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