नई दिल्ली। पाकिस्तान क्रिकेट टीम में आने वाले समय में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। टीम के मुख्य कोच माइक हेसन युवा खिलाड़ियों को अधिक मौके देने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। इसी दिशा में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के 2026-27 सत्र के नए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में कई युवा खिलाड़ियों को शामिल किए जाने की तैयारी है। वहीं, पाकिस्तान के अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान और बल्लेबाज इमाम उल हक को इस बार केंद्रीय अनुबंध से बाहर रखा जा सकता है। बोर्ड से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, दोनों खिलाड़ियों को नए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में जगह मिलने की संभावना नहीं है। इस फैसले को पाकिस्तान क्रिकेट में नई प्रतिभाओं को आगे लाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
माइक हेसन ने आगामी सत्र के लिए कई युवा खिलाड़ियों के नाम सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में शामिल करने की सिफारिश की है। इनमें अराफात मिन्हास, साद बेग, हसन नवाज, आकिफ जावेद, अली रजा, अहसान दानियाल, सूफियान मुकीम, माज सदाकत, रजाउल्लाह, अजान अवैस, इमरान रंधावा, अब्दुल्ला फजल और गाजी गोरी शामिल हैं। इन खिलाड़ियों ने घरेलू और अन्य क्रिकेट मुकाबलों में अपनी क्षमता दिखाई है। अब बोर्ड इन्हें केंद्रीय अनुबंध देकर भविष्य की टीम तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ा सकता है।
रिजवान और इमाम उल हक को नहीं मिलेगा केंद्रीय अनुबंध
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड इस बार अनुभवी खिलाड़ियों के अनुबंध को लेकर भी नए सिरे से विचार कर रहा है। बोर्ड से जुड़े एक सूत्र के अनुसार, कुछ वरिष्ठ खिलाड़ियों को इस साल सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की सूची से बाहर किया जा सकता है। इनमें मोहम्मद रिजवान और इमाम उल हक के नाम प्रमुख हैं। दोनों खिलाड़ियों को इस बार केंद्रीय अनुबंध नहीं दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
रिजवान पाकिस्तान के प्रमुख विकेटकीपर बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं और तीनों प्रारूपों में टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वहीं, इमाम उल हक ने भी वनडे और टेस्ट क्रिकेट में पाकिस्तान के लिए महत्वपूर्ण पारियां खेली हैं। हालांकि, नए कोचिंग ढांचे में अब युवा खिलाड़ियों को अधिक जिम्मेदारी देने पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में अनुभवी खिलाड़ियों के स्थान पर नई प्रतिभाओं को मौका देने की योजना बनाई जा रही है।
फिटनेस और प्रदर्शन को लेकर सख्त हैं माइक हेसन
मुख्य कोच माइक हेसन का मानना है कि राष्ट्रीय टीम में जगह बनाए रखने के लिए खिलाड़ियों को केवल व्यक्तिगत प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि फिटनेस और टीम के प्रति अपने रवैये पर भी ध्यान देना होगा। वह चाहते हैं कि खिलाड़ी कोचिंग स्टाफ की रणनीति को मैदान पर प्रभावी तरीके से लागू करें और लगातार अपने खेल में सुधार करने की कोशिश करें।
उनकी योजना टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों प्रारूपों के लिए मजबूत टीम तैयार करने की है। इसके लिए खिलाड़ियों की फिटनेस, तकनीकी क्षमता, सीखने की इच्छा और ड्रेसिंग रूम में उनके व्यवहार को भी महत्वपूर्ण आधार बनाया जा रहा है।
बोर्ड से जुड़े सूत्र के मुताबिक, हेसन उन युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना चाहते हैं, जिन्होंने अपनी प्रतिभा के साथ टीम में सकारात्मक योगदान देने की क्षमता दिखाई है। ऐसे खिलाड़ियों को अच्छे केंद्रीय अनुबंध देकर उनका मनोबल बढ़ाने की सिफारिश की गई है, ताकि वे भविष्य में पाकिस्तान क्रिकेट के लिए अहम भूमिका निभा सकें।
बाबर आजम और शाहीन अफरीदी समेत इन खिलाड़ियों का अनुबंध रहेगा बरकरार
नए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में पाकिस्तान के कई प्रमुख खिलाड़ियों को बरकरार रखे जाने की संभावना है। इनमें बाबर आजम, शाहीन शाह अफरीदी, साहिबजादा फरहान, सलमान अली आगा, सऊद शकील, हारिस रऊफ, नसीम शाह, फखर जमान और सैम अयूब के नाम शामिल हैं।
हालांकि, इन खिलाड़ियों में से कुछ को केवल रेड बॉल यानी टेस्ट क्रिकेट या व्हाइट बॉल यानी सीमित ओवरों के प्रारूप के लिए ही अनुबंध दिया जा सकता है। इसका मतलब है कि बोर्ड खिलाड़ियों की भूमिका और प्रदर्शन के आधार पर उनके कॉन्ट्रैक्ट की श्रेणी तय कर सकता है।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की ओर से नए केंद्रीय अनुबंधों की घोषणा में पहले ही देरी हो चुकी है। पिछला सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट 31 जुलाई को समाप्त हो गया था, लेकिन अब तक नए अनुबंधों की सूची सार्वजनिक नहीं की गई है।
घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन के आधार पर होगा अंतिम फैसला
बोर्ड से जुड़े सूत्रों के अनुसार, नए अनुबंधों की घोषणा में देरी की एक बड़ी वजह खिलाड़ियों के हालिया प्रदर्शन का आकलन करना है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के साथ घरेलू टूर्नामेंट में खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी नजर रख रहा है। बोर्ड यह सुनिश्चित करना चाहता है कि जिन खिलाड़ियों को अनुबंध दिया जाए, वे वास्तव में टीम की जरूरतों के मुताबिक योगदान देने की क्षमता रखते हों।
माइक हेसन की सिफारिशों के बाद इस बार सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की सूची में कई नए चेहरे देखने को मिल सकते हैं। यदि रिजवान और इमाम उल हक को बाहर रखा जाता है, तो यह पाकिस्तान क्रिकेट के अनुभवी खिलाड़ियों के लिए बड़ा बदलाव होगा। वहीं, युवा खिलाड़ियों को केंद्रीय अनुबंध मिलने से राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह मजबूत करने का अवसर मिलेगा।
कुल मिलाकर, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड अब भविष्य की टीम तैयार करने के लिए युवा प्रतिभाओं पर अधिक भरोसा जताने की तैयारी में है। नए अनुबंधों के जरिए यह भी स्पष्ट हो सकता है कि माइक हेसन आने वाले वर्षों में पाकिस्तान क्रिकेट को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं।








