गाजियाबाद। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान को जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राहत नहीं मिली है। गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत ने रविवार, 1 नवंबर 2026 को उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। अब आजम खान को गाजियाबाद की डासना जेल में रखा जाएगा। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें शनिवार को रामपुर जेल से रिहाई के तुरंत बाद गिरफ्तार किया था।
जेल से बाहर आते ही ED ने किया गिरफ्तार
आजम खान करीब 11 महीने बाद शनिवार शाम रामपुर जेल से बाहर आए थे। उन्हें दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली थी। उनके साथ बेटे अब्दुल्ला आजम भी जेल से रिहा हुए थे। परिवार और समर्थकों को उम्मीद थी कि अब आजम खान घर पहुंच सकेंगे, लेकिन जेल के बाहर मौजूद ED की टीम ने उन्हें दूसरे मामले में गिरफ्तार कर लिया।
यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं तथा मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में की गई। गिरफ्तारी के बाद ED की टीम उन्हें पूछताछ के लिए अपने कार्यालय ले गई।
गाजियाबाद की विशेष अदालत में हुई पेशी
रविवार को ED की टीम आजम खान को कड़ी सुरक्षा के बीच गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत लेकर पहुंची। अदालत परिसर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। उनकी पेशी की जानकारी मिलने के बाद समर्थक और स्थानीय लोग भी वहां जुटे।
सुनवाई के दौरान ED ने जौहर यूनिवर्सिटी की फंडिंग और उससे जुड़े पैसों के लेन-देन यानी मनी ट्रेल की जांच का हवाला देते हुए आजम खान से पूछताछ की जरूरत बताई। जांच एजेंसी ने अदालत से 14 दिन की कस्टडी मांगी थी। हालांकि, अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
जौहर यूनिवर्सिटी की फंडिंग जांच के घेरे में
यह पूरा मामला रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़ा है। ED यूनिवर्सिटी के निर्माण, फंडिंग और उसमें इस्तेमाल की गई धनराशि के स्रोत की जांच कर रही है। जांच एजेंसी का आरोप है कि यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले सामने आए हैं।
ED इस मामले में पैसों के लेन-देन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग की कड़ियों की जांच कर रही है। एजेंसी ने अदालत में भी फंडिंग और मनी ट्रेल से जुड़े पहलुओं को उठाया। हालांकि, जांच एजेंसी के आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष अदालत की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
अब डासना जेल में रहेंगे आजम खान
अदालत के आदेश के बाद आजम खान को गाजियाबाद की डासना जिला जेल भेजा जाएगा। उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में रखा गया है। इस घटनाक्रम के बाद उनकी जेल से रिहाई के कुछ ही समय बाद दोबारा हिरासत में पहुंचने की स्थिति ने राजनीतिक हलचल भी बढ़ा दी है।
अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और ED की जांच पर नजर रहेगी। जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े वित्तीय लेन-देन के मामले में आजम खान की मुश्किलें फिलहाल कम होती नजर नहीं आ रही हैं।








