चंडीगढ़: पंजाब पुलिस को विदेश में फरार चल रहे गैंगस्टरों के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता मिली है। जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़े बताए जा रहे अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत डालम को मोल्दोवा से भारत लाया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह पंजाब पुलिस के लिए लंबे समय से वांछित था और उसके खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
अमृतपाल को फरवरी 2026 के अंत में मोल्दोवा सीमा पर इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर हिरासत में लिया गया था। इसके बाद भारत ने उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू की। मोल्दोवा की अदालत ने भारत के प्रत्यर्पण अनुरोध को मंजूरी दे दी और फैसला अंतिम होने के बाद उसे भारतीय अधिकारियों को सौंपने की प्रक्रिया पूरी हुई।
21 मामलों में वांटेड था अमृतपाल
पंजाब पुलिस के अनुसार, अमृतपाल सिंह के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, नशीले पदार्थों से जुड़े अपराध समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, वह कुल 21 आपराधिक मामलों में वांछित था। पुलिस का आरोप है कि वह विदेश में रहते हुए भी आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ था।
इंटरपोल नोटिस के बाद पकड़ा गया
अमृतपाल को पकड़ने में पंजाब पुलिस की Overseas Fugitive Tracking and Extradition Cell (OFTEC) और केंद्रीय एजेंसियों के बीच समन्वय की अहम भूमिका रही। पंजाब पुलिस लंबे समय से विदेशों में छिपे वांछित अपराधियों को भारत वापस लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ काम कर रही है।
मोल्दोवा से अमृतपाल का भारत प्रत्यर्पण दोनों देशों के बीच न्यायिक सहयोग की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मोल्दोवा के अभियोजन अधिकारियों के अनुसार, यह भारत-मोल्दोवा के बीच इस तरह की पहली प्रत्यर्पण प्रक्रिया है।
अब भारत लाए जाने के बाद पंजाब पुलिस उसके खिलाफ दर्ज मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ और जांच के दौरान उसके नेटवर्क तथा विदेश में फरारी से जुड़े कई पहलुओं की जानकारी सामने आ सकती है।








