बेंगलुरु से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक निजी डे-केयर सेंटर में तीन साल की बच्ची के साथ कथित रूप से अमानवीय व्यवहार किए जाने का आरोप लगा है। शिकायत के अनुसार, बच्ची के साथ देखभाल के नाम पर ऐसा व्यवहार किया गया, जिसने न केवल अभिभावकों को झकझोर दिया बल्कि डे-केयर केंद्रों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिजनों का आरोप है कि डे-केयर सेंटर के कर्मचारियों ने बच्ची के मुंह पर टॉयलेट जेट से पानी डाला और उसे वॉशिंग मशीन के अंदर बैठाया। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार ने संबंधित अधिकारियों और पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
बताया जा रहा है कि परिजनों को बच्ची के व्यवहार में अचानक आए बदलाव और उसके शरीर पर मिले कुछ संकेतों के बाद शक हुआ। जब उन्होंने डे-केयर प्रबंधन से जानकारी मांगी और उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच की, तब कथित तौर पर घटना से जुड़े तथ्य सामने आए। इसके बाद परिवार ने तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के तहत डे-केयर सेंटर के कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है और परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होगी।
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन ने भी मामले का संज्ञान लिया है। यह जांच की जा रही है कि डे-केयर सेंटर निर्धारित सुरक्षा मानकों और बच्चों की देखभाल से जुड़े नियमों का पालन कर रहा था या नहीं। यदि किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो केंद्र के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई भी की जा सकती है।
बाल अधिकारों से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना किसी भी डे-केयर की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष जांच के साथ-साथ बच्चों के हितों की रक्षा के लिए कड़े कदम उठाना आवश्यक है।
फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच में जुटे हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने तक किसी भी अपुष्ट जानकारी या अफवाह पर विश्वास न करें और आधिकारिक जानकारी का ही पालन करें।








