नागपुर। मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नागपुर के एक छात्र का परीक्षा केंद्र कथित तौर पर भारत से बाहर अबूधाबी (UAE) में आवंटित कर दिया गया है, जिसके बाद पूरे मामले ने शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा संचालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस कथित गलती को लेकर छात्र और उसके परिवार ने गंभीर चिंता जताई है।
कैसे सामने आया मामला?
जानकारी के अनुसार, छात्र को जब उसका एडमिट कार्ड मिला तो उसमें परीक्षा केंद्र का पता देखकर वह हैरान रह गया। सामान्यतः NEET परीक्षा केंद्र भारत के विभिन्न शहरों में होते हैं, लेकिन इस बार छात्र का केंद्र लगभग 2500 किलोमीटर दूर अबूधाबी दिखाया गया।
परिवार का कहना है कि इस स्थिति ने छात्र को मानसिक तनाव में डाल दिया है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय परीक्षा केंद्र होने के कारण यात्रा, वीजा और दस्तावेज़ जैसी कई औपचारिकताएं जुड़ जाती हैं।
पासपोर्ट न होने से बढ़ी मुश्किल
सबसे बड़ी समस्या यह है कि छात्र के पास पासपोर्ट नहीं है, जबकि विदेश में परीक्षा देने के लिए यह एक आवश्यक दस्तावेज माना जाता है। ऐसे में छात्र के सामने यह सवाल खड़ा हो गया है कि वह परीक्षा कैसे देगा।
परिजनों का कहना है कि यह स्पष्ट रूप से प्रशासनिक गलती या तकनीकी त्रुटि का मामला लगता है, जिसकी वजह से छात्र का भविष्य संकट में आ गया है।
NTA पर उठे सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। अभिभावकों और शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी बड़ी परीक्षा में इस तरह की गंभीर गलती चिंता का विषय है।
छात्र के परिवार ने मांग की है कि मामले की तुरंत जांच हो और परीक्षा केंद्र को भारत में किसी नजदीकी शहर में बदला जाए ताकि छात्र अपना परीक्षा अधिकार खो न दे।
छात्र और परिवार की स्थिति
छात्र इस पूरे घटनाक्रम से काफी परेशान बताया जा रहा है। परिवार का कहना है कि उसने महीनों तक मेहनत कर परीक्षा की तैयारी की थी, लेकिन अब एडमिट कार्ड की इस गलती ने उसकी मेहनत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिजनों ने प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द समाधान निकाला जाए ताकि छात्र को परीक्षा देने का उचित मौका मिल सके।
विशेषज्ञों की राय
शिक्षा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि यदि वास्तव में परीक्षा केंद्र विदेश में आवंटित हुआ है, तो यह सिस्टम में गंभीर तकनीकी या डेटा एंट्री त्रुटि हो सकती है। ऐसी स्थिति में तत्काल सुधार और वैकल्पिक केंद्र देना ही सबसे सही कदम होगा।
आगे क्या हो सकता है?
अब पूरा मामला NTA के संज्ञान में लाया गया है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही:
- परीक्षा केंद्र की जांच की जाएगी
- तकनीकी गलती की पुष्टि की जाएगी
- छात्र को वैकल्पिक केंद्र दिया जा सकता है
- भविष्य में ऐसी गलती न हो, इसके लिए सिस्टम सुधार किए जाएंगे
निष्कर्ष
NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण परीक्षा में इस तरह की कथित गड़बड़ी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल सभी की नजर NTA की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है। छात्र और उसका परिवार उम्मीद कर रहा है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान निकल जाएगा और उसे परीक्षा देने का मौका मिल सकेगा।








