नई दिल्ली। गृह मंत्रालय (MHA) ने दिल्ली के शाहदरा पुलिस स्टेशन में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच हुई हिंसक झड़प के मामले में बड़ा कदम उठाते हुए सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) मनस्वी वशिष्ठ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई विचाराधीन है। इसके साथ ही निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय दिल्ली निर्धारित किया गया है और उन्हें सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना दिल्ली से बाहर जाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
यह घटनाक्रम 2019 बैच के डैनिप्स (DANIPS) अधिकारी मनस्वी वशिष्ठ द्वारा अपनी तबादला सूची के विरोध में प्रदर्शन करने के कुछ ही घंटों बाद सामने आया। गत 23 अक्टूबर को शाहदरा थाने में एक वकील के साथ हुई मारपीट और सिर में गंभीर चोट लगने के बाद जिला अदालत के वकीलों ने व्यापक हड़ताल शुरू कर दी थी। वकीलों के विरोध को देखते हुए प्रशासन ने एसीपी मनस्वी वशिष्ठ और थाना प्रभारी (SHO) अरुण कुमार का तबादला महिला एवं बाल विशेष पुलिस इकाई में कर दिया था। इस आदेश के बाद वकीलों ने 28 अक्टूबर को अपनी हड़ताल वापस ले ली थी, लेकिन तबादले की इस कार्रवाई से पुलिसकर्मियों में भारी असंतोष फैल गया था।
सोमवार को इस प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में लगभग 100 पुलिसकर्मी पुलिस मुख्यालय के बाहर एकत्र हुए और दोनों अधिकारियों की बहाली की मांग करने लगे। धीरे-धीरे यह विरोध बढ़ता गया और करीब 500 पुलिसकर्मियों ने दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर अपनी नाराजगी जताई। वहीं, गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निलंबन के दौरान नियमानुसार एसीपी को जीवन-निर्वाह भत्ता दिया जाएगा, बशर्ते वे इस दौरान किसी अन्य निजी व्यवसाय या नौकरी में शामिल न हों।








