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November 3, 2026 7:23 pm

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ग्लेन मैक्सवेल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा, टी-20 में ऑस्ट्रेलिया के तीसरे सबसे बड़े रन स्कोरर; मेलबर्न स्टार्स के लिए खेलते रहेंगे

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मेलबर्न। ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला कर लिया है। 38 वर्षीय मैक्सवेल ने टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। इससे पहले वह जून 2025 में वनडे क्रिकेट से भी संन्यास ले चुके हैं। हालांकि, क्रिकेट के मैदान पर उनका सफर अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। मैक्सवेल घरेलू टी-20 प्रतियोगिताओं में खेलना जारी रखेंगे और बिग बैश लीग (BBL) में मेलबर्न स्टार्स की ओर से अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे। फ्रेंचाइजी के साथ उनका अनुबंध 2027-28 सत्र तक है। इसके अलावा उनके इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में खेलने की संभावनाएं भी बनी हुई हैं।

मैक्सवेल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना आखिरी मुकाबला फरवरी 2026 में टी-20 विश्व कप के दौरान ओमान के खिलाफ खेला था। यह उस टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया का अंतिम ग्रुप मुकाबला था। इसके बाद अब उन्होंने टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से भी दूरी बनाने का निर्णय लिया है। वह लिस्ट-ए और प्रथम श्रेणी क्रिकेट से भी संन्यास ले चुके हैं। इस तरह मैक्सवेल ने अंतरराष्ट्रीय और पारंपरिक घरेलू क्रिकेट के लंबे सफर को विराम देते हुए अपने करियर का अगला चरण टी-20 लीग क्रिकेट के नाम करने का फैसला किया है।

130 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में बनाए 2,897 रन

ग्लेन मैक्सवेल ने वर्ष 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ अपना टी-20 अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। इसके बाद उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी अलग पहचान बनाई। अपने टी-20 अंतरराष्ट्रीय करियर में उन्होंने कुल 130 मुकाबले खेले और 2,897 रन बनाए। वह इस प्रारूप में ऑस्ट्रेलिया की ओर से सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में तीसरे स्थान पर हैं।

मैक्सवेल के नाम टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पांच शतक दर्ज हैं। उनकी इस उपलब्धि की खास बात यह है कि भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के नाम भी इस प्रारूप में इतने ही शतक हैं। अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी, बड़े शॉट खेलने की क्षमता और मुश्किल परिस्थितियों में तेजी से रन बनाने के अंदाज के कारण मैक्सवेल लंबे समय तक ऑस्ट्रेलिया की टी-20 टीम के अहम खिलाड़ी बने रहे।

टी-20 के अलावा मैक्सवेल ने ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट क्रिकेट में भी योगदान दिया। उन्होंने अपने करियर में सात टेस्ट मुकाबले खेले और कुल 339 रन बनाए। उनका एकमात्र टेस्ट शतक वर्ष 2017 में भारत के खिलाफ रांची में आया था। इस मुकाबले में उन्होंने भारतीय परिस्थितियों में शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपनी क्षमता का परिचय दिया था।

भविष्य को लेकर काफी समय से चल रही थी चर्चा

अपने संन्यास के फैसले को लेकर मैक्सवेल ने बताया कि उनके भविष्य को लेकर पिछले कुछ समय से टीम प्रबंधन के साथ बातचीत चल रही थी। एक पॉडकास्ट में चर्चा के दौरान उन्होंने खुलासा किया कि टी-20 विश्व कप से पहले और टूर्नामेंट समाप्त होने के बाद भी इस विषय पर विचार-विमर्श हुआ था।

मैक्सवेल के मुताबिक, टीम प्रबंधन की ओर से उन पर संन्यास लेने या टीम छोड़ने को लेकर किसी तरह का दबाव नहीं था। उन्होंने बताया कि टीम ने वापसी के विकल्प को खुला रखा था और परिस्थितियों के अनुसार आगे का फैसला लेने की गुंजाइश भी थी। कुछ द्विपक्षीय सीरीज में ऑस्ट्रेलियाई टीम नए खिलाड़ियों को अवसर देना चाहती थी। इसी रणनीति के तहत बांग्लादेश दौरे पर युवा खिलाड़ियों को मौका दिया गया, जहां उन्होंने अच्छा प्रदर्शन करके अपनी उपयोगिता साबित की।

मैक्सवेल ने स्पष्ट किया कि उनका फैसला किसी दबाव या टीम में जगह नहीं मिलने की वजह से नहीं था, बल्कि वह अपने भविष्य और क्रिकेट करियर के अगले चरण को ध्यान में रखते हुए इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं।

मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर विदाई मैच खेलने की थी उम्मीद

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने से पहले मैक्सवेल की इच्छा थी कि उन्हें अपने घरेलू मैदान मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर एक यादगार विदाई मुकाबला खेलने का अवसर मिले। इंग्लैंड के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया के आगामी सीमित ओवरों के दौरे में मेलबर्न में एक टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच प्रस्तावित है। ऐसे में मैक्सवेल को उम्मीद थी कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया उन्हें अपने घरेलू दर्शकों के सामने अंतिम बार अंतरराष्ट्रीय जर्सी पहनने का मौका दे सकता है।

उन्होंने बताया कि पिछले करीब 15 वर्षों से टी-20 प्रारूप उनके क्रिकेट जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है और यह प्रारूप उनके लिए घर जैसा बन गया था। इसी वजह से वह मेलबर्न में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का समापन करना चाहते थे, जहां उन्हें घरेलू प्रशंसकों के सामने विदाई लेने का अवसर मिलता।

हालांकि, इंग्लैंड के खिलाफ इस मुकाबले में खेलने का विकल्प मौजूद होने के बावजूद मैक्सवेल ने बिग बैश लीग की तैयारियों को प्राथमिकता देने का फैसला किया। वह फिलहाल घुटने की चोट से उबर रहे हैं और पूरी तरह फिट होने के लिए करीब आठ सप्ताह तक पुनर्वास प्रक्रिया से गुजरेंगे। उनका लक्ष्य बिग बैश लीग के आगामी सत्र से पहले अपनी फिटनेस हासिल करना है, ताकि मेलबर्न स्टार्स के लिए मैदान पर उतर सकें।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बाद अब टी-20 लीग पर रहेगा ध्यान

मैक्सवेल का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव है। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी, उपयोगी गेंदबाजी और मैदान पर शानदार फील्डिंग के कारण उन्होंने लंबे समय तक टीम को कई अहम मुकाबलों में मजबूती दी। खासकर टी-20 क्रिकेट में उनकी भूमिका बेहद प्रभावशाली रही है।

हालांकि, प्रशंसकों को उन्हें क्रिकेट के मैदान पर देखने का मौका मिलता रहेगा। मेलबर्न स्टार्स के साथ उनका अनुबंध 2027-28 सत्र तक है और वह बिग बैश लीग में टीम का हिस्सा बने रहेंगे। साथ ही आईपीएल में भी उनके खेलने की संभावनाएं बनी हुई हैं। अब मैक्सवेल का अगला लक्ष्य चोट से पूरी तरह उबरकर अपनी फिटनेस वापस हासिल करना और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में अपना प्रदर्शन जारी रखना होगा।

Rajesh Bhagtani
Author: Rajesh Bhagtani

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