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November 3, 2026 7:19 pm

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SBI ने जारी किए तिमाही नतीजे, मुनाफा 14% बढ़कर ₹23,038 करोड़; नेट इंटरेस्ट इनकम ₹49,143 करोड़

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देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। जुलाई से सितंबर 2026 की तिमाही में बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 14.28 प्रतिशत बढ़कर 23,037.95 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में बैंक ने 20,159.67 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में भी अच्छी बढ़ोतरी हुई है।

नेट इंटरेस्ट इनकम 14.69% बढ़ी

SBI की नेट इंटरेस्ट इनकम दूसरी तिमाही में 14.69 प्रतिशत बढ़कर 49,142.85 करोड़ रुपये हो गई। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 42,847 करोड़ रुपये थी। नेट इंटरेस्ट इनकम का मतलब बैंक को दिए गए कर्ज पर मिलने वाले ब्याज और जमा पर चुकाए जाने वाले ब्याज के बीच का अंतर होता है।

बैंक की ब्याज से होने वाली आय में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। सितंबर तिमाही में यह सालाना आधार पर 10.46 प्रतिशत बढ़कर 1,32,018.55 करोड़ रुपये रही।

मुनाफे में बढ़ोतरी की क्या रही वजह?

बैंक के मुनाफे में बढ़ोतरी के पीछे बेहतर ब्याज आय के साथ प्रावधानों में कमी भी अहम वजह रही। सितंबर तिमाही में प्रोविजन और आकस्मिक खर्च सालाना आधार पर करीब 21.9 प्रतिशत घटकर 4,216.86 करोड़ रुपये रह गए। इसके अलावा SBI को अपनी फंड मैनेजमेंट सब्सिडियरी में हिस्सेदारी बेचने से भी एकमुश्त लाभ मिला।

रिपोर्ट के मुताबिक, SBI ने SBI Funds Management में अपनी करीब 6 प्रतिशत हिस्सेदारी IPO और प्री-IPO प्लेसमेंट के जरिए बेची। इससे बैंक को लगभग 7,288 करोड़ रुपये का एकमुश्त लाभ हुआ। इस लाभ ने भी तिमाही मुनाफे को बढ़ाने में भूमिका निभाई।

बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार

SBI के नतीजों में बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार के संकेत भी मिले हैं। सितंबर तिमाही में बैंक का ग्रॉस NPA अनुपात घटकर 1.39 प्रतिशत पर आ गया, जबकि जून तिमाही में यह 1.47 प्रतिशत था। वहीं नेट NPA अनुपात भी घटकर 0.36 प्रतिशत रहा, जो पिछली तिमाही में 0.38 प्रतिशत था।

इसके अलावा बैंक के कुल एडवांस यानी दिए गए कर्ज में सालाना आधार पर करीब 18.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। सितंबर 2026 के अंत तक बैंक की जमा राशि भी बढ़कर करीब 62.78 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई।

निवेशकों की नजर SBI के शेयर पर

SBI के तिमाही नतीजों के बाद निवेशकों की नजर अब बैंक के शेयरों और आने वाले कारोबारी सत्रों पर रहेगी। मुनाफे और नेट इंटरेस्ट इनकम में बढ़ोतरी के साथ एसेट क्वालिटी में सुधार बैंक के प्रदर्शन के अहम पहलू हैं। हालांकि, एकमुश्त हिस्सेदारी बिक्री से मिले लाभ का असर अलग रखकर बैंक की नियमित कमाई को समझना भी जरूरी है।

कुल मिलाकर, SBI ने सितंबर तिमाही में मुनाफे और नेट इंटरेस्ट इनकम दोनों में बढ़ोतरी दर्ज की है। बैंक के बेहतर नतीजों में कर्ज वृद्धि, ब्याज आय, कम प्रावधान और हिस्सेदारी बिक्री से मिला एकमुश्त लाभ शामिल रहे।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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