शेयर बाजार में कारोबारी सप्ताह के दौरान शानदार तेजी देखने को मिली। मंगलवार, 3 नवंबर को घरेलू शेयर बाजार मजबूत बढ़त के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में अच्छी तेजी दर्ज की गई। खास बात यह रही कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी ने भी बाजार की धारणा को मजबूती दी। निफ्टी ने 23,800 के अहम स्तर को पार कर लिया, जिससे निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल देखने को मिला।
सेंसेक्स 1,225 अंक चढ़ा, निफ्टी 23,810 के पार बंद
कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 1,225.07 अंक यानी 1.62 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,917.85 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 370.05 अंक यानी 1.58 प्रतिशत उछलकर 23,810.85 पर पहुंच गया। दोनों प्रमुख सूचकांकों में लगातार तेजी से बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहा।
निफ्टी में बीएसई, टाटा कंज्यूमर, एशियन पेंट्स, भारती एयरटेल और एचडीएफसी बैंक के शेयर प्रमुख रूप से बढ़त दर्ज करने वालों में शामिल रहे। वहीं दूसरी ओर इन्फोसिस, एसबीआई, ओएनजीसी, पावर ग्रिड और एनटीपीसी के शेयरों में गिरावट देखने को मिली।
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो एफएमसीजी सेक्टर में सबसे ज्यादा करीब 2.5 प्रतिशत की तेजी रही। रियल्टी, प्राइवेट बैंक और ऑटो सेक्टर के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। हालांकि मेटल, पीएसयू बैंक और एनर्जी सेक्टर के कुछ शेयर दबाव में रहे।
बाजार में तेजी के पीछे रहे ये बड़े कारण
1. विदेशी निवेशकों की वापसी: विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की खरीदारी ने बाजार को मजबूती दी। सोमवार को विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में 3,114.68 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। लंबे समय तक बिकवाली के बाद उनकी वापसी को बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
2. कच्चे तेल की कीमतों में नरमी: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारतीय बाजार को सहारा मिला। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में तेल सस्ता होने से महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव कम होने की उम्मीद रहती है।
3. कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजे: कई कंपनियों के सितंबर तिमाही के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं। इससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। कुछ कंपनियों के शेयरों में नतीजों के बाद अच्छी तेजी भी देखने को मिली।
निवेशकों के लिए क्या है आगे का संकेत?
लगातार तेजी के बाद बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। विदेशी निवेशकों की खरीदारी, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और कंपनियों के बेहतर नतीजे बाजार को आगे भी दिशा दे सकते हैं। हालांकि वैश्विक घटनाक्रम, डॉलर की चाल और आने वाले आर्थिक आंकड़ों का असर भी बाजार पर पड़ सकता है।
कुल मिलाकर, 3 नवंबर का कारोबारी सत्र भारतीय शेयर बाजार के लिए शानदार रहा। सेंसेक्स में 1,225 अंकों से ज्यादा की तेजी और निफ्टी का 23,800 के पार बंद होना बाजार में लौटते भरोसे का संकेत है। हालांकि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहता है, इसलिए निवेश से जुड़े फैसले सोच-समझकर लेने चाहिए।








