नई दिल्ली। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की 1995 में हुई हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे बब्बर खालसा के आतंकवादी जगतार सिंह हवाला की दिल्ली की तिहाड़ जेल से पंजाब की जेल में स्थानांतरित करने की मांग वाली याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय ने सुनवाई स्थगित कर दी है। खुफिया ब्यूरो (IB) की एक गोपनीय रिपोर्ट के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है, जिसमें चेतावनी दी गई है कि इस कदम से राज्य में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों पर गंभीर असर पड़ सकता है। शीर्ष अदालत ने अब इस मामले की सुनवाई फरवरी 2027 के बाद तय की है।
न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति पी. बी. वराले की पीठ ने खुफिया ब्यूरो के इनपुट का अवलोकन करने के बाद टिप्पणी की कि एजेंसी द्वारा दी गई जानकारी बेहद संवेदनशील और चिंताजनक है। अदालत ने कहा कि रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि इस फैसले से चुनावों पर और मौजूदा स्थितियों पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है। हवाला की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलील दी थी कि याचिकाकर्ता की मां बुजुर्ग हैं और वे पंजाब के निवासी हैं, ऐसे में मानवीय आधार पर उन्हें स्थानांतरित किया जाना चाहिए या पैरोल दी जानी चाहिए। हालांकि, न्यायालय ने चुनाव संपन्न होने तक इस पर विचार करने से इनकार कर दिया।
उल्लेखनीय है कि चंडीगढ़ सचिवालय के बाहर 31 अगस्त 1995 को हुए भीषण बम विस्फोट में पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह सहित 16 अन्य लोगों की जान चली गई थी। इस मामले में सजा काट रहे हवाला को पहले मृत्युदंड दिया गया था, जिसे बाद में उच्च न्यायालय ने ताउम्र कैद में बदल दिया था। केंद्र सरकार ने तबादले का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि हवाला कई अन्य मामलों में भी सजायाफ्ता है और अतीत में जेल ब्रेक की घटना में भी शामिल रहा है, इसलिए सुरक्षा कारणों से उसे स्थानांतरित करना उचित नहीं है।








