अगरतला। त्रिपुरा के सेपाहीजाला जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सीमा सुरक्षा बल के कर्मियों पर हुए हमले के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आठ लोगों को दबोच लिया है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक यह घटना सोमवार को कलामचौरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आशाबारी इलाके में हुई, जहां सुरक्षा बलों ने भारत और बांग्लादेश से जुड़े कुछ संदिग्ध तस्करों को अवैध गतिविधियों को अंजाम देते देखा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जवान तुरंत हरकत में आए और एक संदिग्ध को पकड़ने में कामयाब रहे। हालांकि, इस दौरान सीमा की दूसरी तरफ मौजूद अन्य उपद्रवी मौके से फरार होने में सफल रहे। अधिकारी ने बताया कि पकड़ा गया संदिग्ध भी किसी तरह वहां से भाग निकला और उसने स्थानीय ग्रामीणों के बीच जाकर यह झूठी बात फैला दी कि सुरक्षा बलों ने उसके साथ मारपीट की है। इस अफवाह के फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय पुरुष और महिलाएं उग्र होकर मौके पर एकत्र हो गए और जवानों के वाहन को घेरकर लाठी-डंडों से हमला बोल दिया, जिसमें कंपनी कमांडर समेत तीन जवान घायल हो गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने उग्र भीड़ का फायदा उठाते हुए एक जवान की सर्विस राइफल छीनने की भी कोशिश की और सरकारी वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इस हिंसक झड़प में उपद्रवियों में से एक व्यक्ति के भी घायल होने की खबर है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा बल के आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया, हालांकि एहतियात के तौर पर क्षेत्र में अभी भी तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस पूरी हिंसा में शामिल अन्य उपद्रवियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए सघन तलाशी अभियान लगातार जारी है।
इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने सुरक्षा बलों पर हुए इस हमले की तीव्र शब्दों में भर्त्सना की है। सोशल मीडिया पर अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बोक्सानगर के अशाबारी इलाके में जवानों पर हमला करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और सभी दोषियों को कानून के शिकंजे में लाकर सख्त सजा दी जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि देश की रक्षा करने वाले सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ हिंसा को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे तत्वों से कानून के मुताबिक पूरी सख्ती से निपटा जाएगा। मुख्यमंत्री ने संबंधित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे बिना किसी देरी के त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें, क्योंकि हमारे जवान देश के सर्वोच्च सम्मान और सुरक्षा के पूर्ण हकदार हैं।
उल्लेखनीय है कि त्रिपुरा राज्य की सीमा पड़ोसी देश के साथ एक लंबी दूरी तक साझा होती है और यह क्षेत्र तीन तरफ से घिरा होने के कारण सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। सीमा पार से होने वाली अवैध गतिविधियों, तस्करी और घुसपैठ जैसी समस्याओं पर लगाम कसने के लिए यहां ज्यादातर हिस्सों में फेंसिंग की गई है, इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियों को लगातार सतर्क रहना पड़ता है।
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