चंडीगढ़। पंजाब में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के दो प्रमुख विधायकों—समाना से विधायक व पूर्व मंत्री चेतन सिंह जौरामाजरा और सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा—ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया है। बताया जा रहा है कि दोनों विधायक चुनाव के लिए शनिवार को जारी की गई आम आदमी पार्टी की 40 उम्मीदवारों की पहली सूची में अपना नाम शामिल न होने से काफी असंतुष्ट और नाराज चल रहे थे।
इस्तीफे की घोषणा के तुरंत बाद राजनीतिक गलियारों में इस बात के कयास तेज हो गए हैं कि दोनों नेता चंडीगढ़ में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की जनसभा के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकते हैं। अपने इस्तीफे की जानकारी साझा करते हुए चेतन सिंह जौरामाजरा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वे आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ रहे हैं। ठीक इसी तरह, हरमीत सिंह पठानमाजरा ने भी फेसबुक पर पोस्ट के जरिए तत्काल प्रभाव से पार्टी से अलग होने का संदेश साझा किया।
गौरतलब है कि चेतन सिंह जौरामाजरा पहले भगवंत मान सरकार में कैबिनेट मंत्री के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं, लेकिन बाद में उन्हें मंत्रिमंडल से हटा दिया गया था। इसके अतिरिक्त, पार्टी ने हाल ही में समाना विधानसभा सीट पर पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को हलका इंचार्ज नियुक्त कर दिया था, जिसके बाद से ही जौरामाजरा का असंतोष खुलकर सामने आने लगा था। वहीं दूसरी ओर, सनौर के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा भी पूर्व में कई विवादों में घिरे रहे हैं, जिनमें दुष्कर्म व धोखाधड़ी के मामलों में अदालती कार्रवाई और गिरफ्तारी शामिल है। उन्होंने पंजाब में आई बाढ़ के दौरान अपनी ही सरकार के प्रबंधन पर खुलकर सवाल उठाए थे।
दूसरी तरफ, आम आदमी पार्टी ने इन इस्तीफों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के पंजाब मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने बयान जारी कर कहा कि दोनों विधायकों की विवादित गतिविधियों और कारनामों के कारण पार्टी ने उन्हें बहुत पहले ही दरकिनार कर दिया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब ये दोनों नेता उस पार्टी का रुख कर रहे हैं, जिसे पंजाब में चुनाव लड़ने के लिए योग्य उम्मीदवार तक नहीं मिल पा रहे हैं।








