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November 1, 2026 3:45 pm

अक्टूबर में GST कलेक्शन ने बनाया नया रिकॉर्ड, 22.9% बढ़कर 2.31 लाख करोड़ रुपये पहुंचा राजस्व; महाराष्ट्र सबसे आगे, असम में सबसे तेज उछाल

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नई दिल्ली । देश की अर्थव्यवस्था के लिए अक्टूबर का महीना शानदार रहा है। वस्तु एवं सेवा कर (GST) के संग्रह में सालाना आधार पर करीब 23 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अक्टूबर 2026 में देश का कुल सकल जीएसटी कलेक्शन बढ़कर 2.31 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले वर्ष इसी महीने में 1.88 लाख करोड़ रुपये था। रविवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जीएसटी राजस्व में 22.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी देश में आर्थिक गतिविधियों, घरेलू कारोबार और आयात से जुड़ी कारोबारी गतिविधियों में तेजी का संकेत दे रही है।

चालू वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती सात महीनों यानी अप्रैल से अक्टूबर के दौरान भी जीएसटी संग्रह में मजबूत वृद्धि देखने को मिली है। इस अवधि में कुल जीएसटी कलेक्शन सालाना आधार पर 13.2 प्रतिशत बढ़कर 14.78 लाख करोड़ रुपये हो गया। आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर में घरेलू कारोबार से प्राप्त जीएसटी राजस्व 15.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1.59 लाख करोड़ रुपये रहा। वहीं, आयात के जरिए मिलने वाले जीएसटी में कहीं अधिक तेजी देखने को मिली और यह 42.2 प्रतिशत बढ़कर 72,246 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

रिफंड के बाद भी सरकार के खाते में आए 2.03 लाख करोड़ रुपये

अक्टूबर के दौरान सरकार ने कारोबारियों और अन्य पात्र करदाताओं को कुल 27,934 करोड़ रुपये का जीएसटी रिफंड जारी किया। यह राशि पिछले वर्ष अक्टूबर में जारी किए गए रिफंड के मुकाबले 6.5 प्रतिशत अधिक है। रिफंड की रकम घटाने के बाद सरकार का शुद्ध जीएसटी संग्रह 25.6 प्रतिशत की शानदार वृद्धि के साथ 2.03 लाख करोड़ रुपये रहा।

घरेलू कारोबार से प्राप्त शुद्ध जीएसटी राजस्व 16.4 प्रतिशत बढ़कर 1.45 लाख करोड़ रुपये हो गया। वहीं, आयात से मिलने वाला शुद्ध जीएसटी संग्रह 56.2 प्रतिशत की बड़ी छलांग लगाकर 58,319 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इससे साफ है कि अक्टूबर के दौरान आयात से संबंधित कर राजस्व में भी उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई।

कुल जीएसटी संग्रह में विभिन्न कर श्रेणियों की हिस्सेदारी पर नजर डालें तो केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) के रूप में 42,935 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। राज्य वस्तु एवं सेवा कर (SGST) का संग्रह 51,340 करोड़ रुपये रहा, जबकि एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर (IGST) के जरिए सरकार को लगभग 1.37 लाख करोड़ रुपये मिले। इन आंकड़ों से पता चलता है कि अक्टूबर में जीएसटी के सभी प्रमुख घटकों से सरकार को मजबूत राजस्व हासिल हुआ।

महाराष्ट्र GST संग्रह में पहले स्थान पर, कर्नाटक और गुजरात भी आगे

राज्यों के प्रदर्शन की बात करें तो अक्टूबर में महाराष्ट्र जीएसटी कलेक्शन के मामले में पूरे देश में पहले स्थान पर रहा। राज्य ने इस महीने 35,150 करोड़ रुपये का जीएसटी राजस्व जुटाया, जो पिछले वर्ष अक्टूबर में प्राप्त 31,013 करोड़ रुपये की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है। महाराष्ट्र की मजबूत कारोबारी गतिविधियों और बड़े आर्थिक आधार का असर उसके जीएसटी संग्रह में भी दिखाई दिया।

कर्नाटक 15,922 करोड़ रुपये के जीएसटी संग्रह के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि गुजरात ने 13,516 करोड़ रुपये जुटाकर तीसरा स्थान हासिल किया। इन राज्यों के अलावा देश के कई अन्य प्रमुख राज्यों में भी जीएसटी राजस्व में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई।

हरियाणा में अक्टूबर के दौरान जीएसटी संग्रह 17 प्रतिशत बढ़कर 11,529 करोड़ रुपये हो गया। तमिलनाडु ने 11,661 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया, हालांकि यहां वृद्धि की दर 3 प्रतिशत रही। उत्तर प्रदेश का जीएसटी कलेक्शन 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 10,235 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी जीएसटी संग्रह में 10 प्रतिशत का इजाफा हुआ और यह 9,298 करोड़ रुपये रहा।

पश्चिम बंगाल में जीएसटी राजस्व 17 प्रतिशत बढ़कर 6,055 करोड़ रुपये हो गया। तेलंगाना ने 14 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 5,958 करोड़ रुपये का संग्रह किया। राजस्थान में जीएसटी कलेक्शन 16 प्रतिशत बढ़कर 4,937 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। वहीं, ओडिशा में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ कुल संग्रह 4,744 करोड़ रुपये रहा।

आंध्र प्रदेश में भी जीएसटी राजस्व में 24 प्रतिशत का इजाफा हुआ और यह 4,307 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। मध्य प्रदेश ने 29 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि के साथ 3,768 करोड़ रुपये का संग्रह किया। केरल में जीएसटी कलेक्शन 23 प्रतिशत बढ़कर 3,486 करोड़ रुपये रहा, जबकि पंजाब ने 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 2,856 करोड़ रुपये जुटाए। बिहार में भी 24 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और राज्य का कुल जीएसटी संग्रह 1,827 करोड़ रुपये रहा।

असम में सबसे तेज बढ़ोतरी, झारखंड और मध्य प्रदेश का भी शानदार प्रदर्शन

अक्टूबर के जीएसटी आंकड़ों में असम का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। बड़े राज्यों में असम ने सबसे तेज वृद्धि दर्ज की। राज्य का जीएसटी संग्रह पिछले वर्ष अक्टूबर के 1,315 करोड़ रुपये से बढ़कर इस बार 1,934 करोड़ रुपये हो गया। इस तरह असम ने सालाना आधार पर 47 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की।

झारखंड में भी जीएसटी राजस्व में अच्छी तेजी देखने को मिली। राज्य का संग्रह 31 प्रतिशत बढ़कर 2,821 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं, मध्य प्रदेश ने 29 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 3,768 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया। इन आंकड़ों से पता चलता है कि अक्टूबर के दौरान पूर्वोत्तर और मध्य भारत के कुछ राज्यों में आर्थिक गतिविधियों तथा कर संग्रह में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में घटा GST कलेक्शन

जहां देश के अधिकांश राज्यों में जीएसटी राजस्व बढ़ा, वहीं कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अक्टूबर के दौरान गिरावट भी दर्ज की गई। सिक्किम में सबसे अधिक 28 प्रतिशत की कमी देखने को मिली और यहां जीएसटी संग्रह घटकर 221 करोड़ रुपये रह गया।

लद्दाख में जीएसटी राजस्व 20 प्रतिशत गिरकर 63 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पुडुचेरी में भी संग्रह में 7 प्रतिशत की गिरावट आई और यह घटकर 179 करोड़ रुपये रहा। हिमाचल प्रदेश में जीएसटी कलेक्शन 2 प्रतिशत कम होकर 704 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

कुल मिलाकर अक्टूबर 2026 के जीएसटी आंकड़े देश के कर राजस्व के लिहाज से काफी मजबूत तस्वीर पेश करते हैं। सकल जीएसटी संग्रह का 2.31 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचना और शुद्ध संग्रह में 25.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज होना सरकार के लिए सकारात्मक संकेत है। महाराष्ट्र ने कुल राजस्व संग्रह में अपनी बादशाहत कायम रखी, जबकि असम ने वृद्धि की रफ्तार के मामले में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। आने वाले महीनों में जीएसटी संग्रह के ये आंकड़े देश की आर्थिक गतिविधियों, व्यापारिक विस्तार और सरकारी राजस्व की स्थिति को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण बने रहेंगे।

Rajesh Bhagtani
Author: Rajesh Bhagtani

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