चक्रवात अर्नब के प्रभाव से आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी नुकसान की खबर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों राज्यों में पांच लोगों की मौत हुई है। तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़ उखड़ गए, जबकि पुलों और सड़कों को भी नुकसान पहुंचा है। चक्रवात के असर से जनजीवन प्रभावित हुआ है और प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्यों की जरूरत बढ़ गई है।
इसी बीच देश के कई हिस्सों में मौसम बदलने के आसार जताए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में आज बारिश की संभावना बताई गई है, जबकि मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत 15 राज्यों में बारिश और तापमान में गिरावट से ठंड बढ़ने की आशंका जताई गई है। हालांकि, किस इलाके में कितनी बारिश होगी और तापमान में कितना बदलाव आएगा, यह स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर निर्भर करेगा।
चक्रवात अर्नब कमजोर पड़ा, लेकिन बारिश का खतरा बरकरार
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, 29 अक्टूबर को बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड और ओडिशा में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, तटीय आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में भी बारिश की संभावना जताई गई है।
चक्रवात अर्नब आंध्र प्रदेश और यानम के तट से टकराने के बाद कमजोर होकर गहरे दबाव के क्षेत्र में बदल गया है। हालांकि, इसके अवशेषों के कारण पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की आशंका है। मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी है।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी नुकसान
चक्रवात के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ। पेड़ और बिजली के खंभे गिरने, जलभराव तथा बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आईं। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने पांच लोगों की मौत की जानकारी दी थी। ओडिशा में भी कई इलाकों में भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा।
प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव की तैयारियां कीं। निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। बिजली आपूर्ति और परिवहन व्यवस्था पर भी चक्रवात का असर पड़ा। अब चक्रवात कमजोर पड़ने के बाद भी प्रशासन की निगरानी जारी है, क्योंकि भारी बारिश से जलभराव और स्थानीय बाढ़ का खतरा बना रह सकता है।
छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम?
छत्तीसगढ़ में 29 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश भी हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में भी तेज बारिश का पूर्वानुमान है। इसके अलावा गरज-चमक और तेज हवाओं के कारण लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बारिश के चलते दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है। हालांकि, पूरे मध्य प्रदेश में ठंड बढ़ने का अनुमान लगाने के बजाय स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर ध्यान देना जरूरी है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में मौसम की स्थिति पूर्वी हिस्से से अलग रह सकती है।
राजस्थान में भी मौसम बदलने के आसार
राजस्थान में मौसम में बदलाव की संभावना के बीच पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में गरज-चमक और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। मौसम के इस बदलाव से तापमान में उतार-चढ़ाव हो सकता है। हालांकि, राज्य के सभी जिलों में बारिश या ठंड बढ़ने की संभावना एक जैसी नहीं है।
राजस्थान के लोगों को अपने जिले के मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखनी चाहिए। बारिश के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। तेज हवाओं या बिजली गिरने की चेतावनी होने पर सुरक्षित स्थान पर रहना बेहतर है।
दिल्ली-NCR समेत कई इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट
चक्रवात के प्रभाव और अन्य मौसम प्रणालियों के कारण दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश तथा ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम में बदलाव से तापमान प्रभावित हो सकता है और सुबह-शाम ठंडक महसूस होने की संभावना है।
अगले कुछ दिनों तक मौसम पर रखें नजर
चक्रवात अर्नब कमजोर जरूर पड़ गया है, लेकिन इससे जुड़ी नमी और अन्य मौसम प्रणालियां देश के कई हिस्सों में बारिश का कारण बन सकती हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में किसानों, यात्रियों और उन लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, जिनके इलाके में भारी बारिश या तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया








