नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे से जुड़े मानहानि के एक मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा और पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग को दिल्ली उच्च न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। दोनों ही हस्तियों को निशिकांत दुबे के खिलाफ अपने-अपने सोशल मीडिया मंचों पर किए गए आपत्तिजनक पोस्ट हटाने के लिए विवश होना पड़ा है। अदालत में दर्ज मानहानि याचिका के बाद यह कानूनी और राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है।
मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के कानूनी प्रतिनिधि ने अदालत को सूचित किया कि वह निशिकांत दुबे के संदर्भ में की गई विवादित टिप्पणी वाले सोशल मीडिया पोस्ट को हटा लेंगी। इसी प्रकार पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग को भी अपने बयान वापस लेने पड़े। अदालत द्वारा इस मामले में सख्त रुख अपनाने के बाद दोनों पक्षों ने अपने विवादित कंटेंट्स को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से डिलीट करने का वचन दिया।
अदालती कार्यवाही के तुरंत बाद भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे ‘सत्यमेव जयते’ करार दिया। उन्होंने लिखा कि पूर्व वित्त सचिव और टीएमसी सांसद दोनों के भ्रामक बयानों का सच अदालत में सामने आ गया है और उन्हें अनर्गल टिप्पणियों को वापस लेना पड़ा है। यह फैसला राजनीतिक बयानबाजी और मानहानि के मामलों में दोनों नेताओं के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।








