नई दिल्ली । केंद्र सरकार के 31 दिसंबर 2029 तक ‘ड्रग्स फ्री इंडिया’ बनाने के लक्ष्य के तहत नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने पूर्वोत्तर भारत में मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के खिलाफ ‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ चलाकर करारा प्रहार किया है।
NCB ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) और मिजोरम, मणिपुर व असम पुलिस के साथ मिलकर तीन राज्यों के 38 ठिकानों पर एक साथ व्यापक छापेमारी की। 23 अक्टूबर को शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत भारत, म्यांमार और बांग्लादेश के बीच फैले इस तस्कर नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए करीब 100 करोड़ रुपये के हवाला लेन-देन का पर्दाफाश किया गया है।
इस बड़े एक्शन के दौरान जांच एजेंसियों ने तस्करी नेटवर्क से जुड़े 1,424 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है, जबकि 17.82 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियों को अटैच किया गया है। छापेमारी में 500 डेटोनेटर और 12 लाख रुपये की नकदी जब्त की गई है तथा नेटवर्क से जुड़े 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
जांच में सामने आया है कि म्यांमार से मेथामफेटामाइन और हेरोइन जैसे घातक ड्रग्स को मिजोरम के आइजोल, चम्फाई और जोखावथार के अलावा मणिपुर के चुराचांदपुर और असम के कछार जिले के रास्ते भारत लाया जा रहा था। इस पूरे रूट को ‘डेथ ट्रायंगल कॉरिडोर’ से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसका इस्तेमाल हवाला और शेल कंपनियों के जरिए पैसों के लेन-देन में भी किया जा रहा था।
जांच में म्यांमार स्थित मुख्य सरगना थांगचिंतुआंग उर्फ चिंतुआंग का नाम सामने आया है, जो लंबे समय से कई एनडीपीएस मामलों में वांछित था। इसके अलावा असम से अबू सालेह और मुख्य हवाला ऑपरेटर ललरामपारी की गिरफ्तारी के बाद मिली जानकारियों के आधार पर इस पूरे ऑपरेशन की रणनीति बनाई गई थी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए इस सफल कार्रवाई के लिए NCB और सहयोगी पुलिस टीमों की सराहना की। उन्होंने दोहराया कि सरकार की नशीले पदार्थों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति जारी रहेगी और देश से ड्रग्स सिंडिकेट्स का पूरी तरह सफाया किया जाएगा।








