प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के यशोभूमि में India Mobile Congress (IMC) 2026 के 10वें संस्करण का उद्घाटन किया। इस साल IMC की थीम “Scale Without Boundaries” रखी गई है। 7 से 10 अक्टूबर तक चल रहे इस आयोजन में दुनिया के 100 से ज्यादा देशों की भागीदारी हो रही है। कार्यक्रम में टेलीकॉम, 6G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल टेक्नोलॉजी से जुड़े नए इनोवेशन पर चर्चा हो रही है।
साइबर फ्रॉड से निपटने पर PM मोदी का जोर
India Mobile Congress से पहले ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशंस एसोसिएशन (GSMA) के बोर्ड सदस्यों के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने बढ़ते डिजिटल और साइबर फ्रॉड को बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि इससे निपटने के लिए टेक्नोलॉजी आधारित समाधान विकसित करने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री ने यूजर्स को संभावित फर्जी कॉल और डिजिटल धोखाधड़ी के प्रति लगातार जागरूक करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने उभरती तकनीकों के लिए वैश्विक स्तर पर साझा मानकों और समान नियमों की आवश्यकता की बात कही।
ग्लोबल फ्रेमवर्क की जरूरत
डिजिटल सेवाओं का विस्तार दुनिया के अलग-अलग देशों में तेजी से हो रहा है। ऐसे में साइबर अपराध भी सीमाओं तक सीमित नहीं रह गए हैं। प्रधानमंत्री ने इसी संदर्भ में तकनीकी सहयोग और वैश्विक स्तर पर साझा नियमों की जरूरत पर जोर दिया।
सरकार के मुताबिक, साइबर फ्रॉड से निपटने के लिए जागरूकता के साथ-साथ तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करना जरूरी है। भारत में साइबर अपराधों की शिकायतों और उनसे निपटने के लिए संस्थागत व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।
6G और AI पर भी रहेगा फोकस
IMC 2026 में भविष्य की कनेक्टिविटी और डिजिटल तकनीकों को प्रमुखता दी जा रही है। आयोजन में 6G, AI, स्मार्ट मोबिलिटी, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स और ट्रांसपोर्ट टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में हो रहे विकास को प्रदर्शित किया जा रहा है।
सरकार के अनुसार, इस आयोजन का उद्देश्य भारत की डिजिटल और टेलीकॉम क्षमता को वैश्विक मंच पर सामने रखना और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है।
डिजिटल टेक्नोलॉजी को सभी तक पहुंचाने पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने GSMA बोर्ड सदस्यों के साथ बातचीत के दौरान कहा कि टेक्नोलॉजी को समावेशी और टिकाऊ विकास का माध्यम बनाया जाना चाहिए। उन्होंने डिजिटल सेवाओं को किफायती और सभी के लिए सुलभ बनाने पर जोर दिया, खासकर ग्लोबल साउथ के देशों के संदर्भ में।
उन्होंने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) की संभावनाओं का भी उल्लेख किया और कहा कि ऐसी तकनीकी व्यवस्थाएं विकासशील देशों के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं।
100 से ज्यादा देशों की भागीदारी
India Mobile Congress 2026 में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। आयोजन में टेक कंपनियां, स्टार्टअप, निवेशक, नीति निर्माता और तकनीकी विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। IMC का यह संस्करण भारत की डिजिटल क्षमता, नई कनेक्टिविटी तकनीकों और वैश्विक टेक्नोलॉजी सहयोग पर केंद्रित है।
प्रधानमंत्री के साइबर फ्रॉड से निपटने के लिए तकनीकी समाधान, जागरूकता और वैश्विक सहयोग पर जोर देने से डिजिटल सुरक्षा का मुद्दा IMC 2026 की चर्चाओं में प्रमुखता से सामने आया है। आने वाले वर्षों में 6G, AI और डिजिटल सेवाओं के विस्तार के साथ साइबर सुरक्षा और साझा वैश्विक मानकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहने वाली है।








