केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज, 30 सितंबर 2026, पंजाब के जालंधर में भारतीय जनता पार्टी की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के समापन कार्यक्रम में शामिल होंगे। वह यहां जनसभा को भी संबोधित करेंगे। भाजपा की ओर से 18 सितंबर को पठानकोट से शुरू की गई यह यात्रा 13 दिनों में पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरी और करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय की।
117 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंची यात्रा
भाजपा ने ‘भाजपा दा नारा- नशा मुकाना सारा’ के नारे के साथ चार चरणों में इस अभियान का आयोजन किया। पार्टी के मुताबिक, इसका उद्देश्य नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और इस मुद्दे पर जनभागीदारी को मजबूत करना है। यात्रा के दौरान पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया गया।
भाजपा ने अभियान के दौरान पंजाब के सामने तीन प्रमुख चुनौतियों को रेखांकित किया—नशीले पदार्थों का बढ़ता दुरुपयोग, कानून-व्यवस्था और शासन के विभिन्न स्तरों पर भ्रष्टाचार।
जालंधर में होगा समापन कार्यक्रम
यात्रा का समापन जालंधर के परागपुर गांव में होने वाली जनसभा के साथ होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यक्रम के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां की गई हैं और पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से पार्टी कार्यकर्ताओं के पहुंचने की उम्मीद है।
भाजपा नेताओं ने अभियान को पंजाब में नशे के खिलाफ अपनी राजनीतिक और सामाजिक पहल के रूप में पेश किया है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि वह नशे के खिलाफ लड़ाई को आगे भी जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
अमित शाह की मौजूदगी से कार्यक्रम अहम
अमित शाह के कार्यक्रम में शामिल होने से जालंधर का यह समापन समारोह भाजपा के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक कार्यक्रम बन गया है। आकाशवाणी के अनुसार, शाह ‘नशा मुक्त पंजाब यात्राओं’ को औपचारिक रूप से समापन की दिशा में आगे बढ़ाएंगे और सभा को संबोधित करेंगे।
हालांकि, नशे की समस्या और उससे निपटने की नीतियों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद और आरोप-प्रत्यारोप भी जारी हैं। इसलिए जालंधर की सभा में अमित शाह और भाजपा नेताओं के संबोधन में पंजाब में नशे के मुद्दे के साथ-साथ कानून-व्यवस्था और शासन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है।








