महापौर और उप महापौर के चुनाव से लेकर बोर्ड के गठन तक निर्दलीय पार्षदों की बेहद महत्वपूर्ण होगी भूमिका
भरतपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह जिले भरतपुर में नगर निगम चुनाव के नतीजों ने शहर की सियासत का पूरा गणित बदल दिया है. 65 वार्डों वाले नगर निगम में इस बार सबसे बड़ी ताकत किसी पार्टी की नहीं, बल्कि निर्दलीय प्रत्याशियों की बनी है. 36 वार्डों में निर्दलीयों ने जीत दर्ज कर भाजपा और कांग्रेस दोनों को पीछे छोड़ दिया. भाजपा 20 वार्ड जीतकर सबसे बड़ी दलगत पार्टी बनी, जबकि कांग्रेस को महज 7 सीटों से संतोष करना पड़ा. बसपा और आरएलपी को एक-एक वार्ड में जीत मिली. खास बात यह रही कि चुनाव में राजनीतिक दिग्गजों के परिवार भी मतदाताओं के फैसले से नहीं बच सके और पूर्व महापौर व उप महापौर के परिजन भी धराशायी हो गए. ऐसे में आने वाले दिनों में महापौर और उप महापौर के चुनाव से लेकर बोर्ड के गठन तक निर्दलीय पार्षदों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है.
पूर्व महापौर को वार्ड में मिली हार: वार्ड 19 में भाजपा के मनोज सिंह ने जीत दर्ज की, जबकि पूर्व महापौर शिव सिंह भोंट को हार का सामना करना पड़ा. पूर्व महापौर का अपने वार्ड से चुनाव हारना निगम चुनाव के सबसे चर्चित परिणामों में शामिल रहा. वार्ड 17 में उनके परिवार की राजनीतिक पकड़ नजर आई. यहां उनकी पत्नी विचित्रा सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीत लिया। इस तरह एक ही चुनाव में परिवार को एक वार्ड में हार और दूसरे वार्ड में जीत मिली।
वही वार्ड 41 का मुकाबला भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहा. यहां भाजपा की योगेश्वरी ने जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस महिला जिलाध्यक्ष बबीता शर्मा को हार का सामना करना पड़ा. पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रही प्रत्याशी की हार कांग्रेस के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है.
कांग्रेस से भाजपा में आए उप महापौर, पत्नी की नहीं बचा सके सीट: वार्ड 18 का परिणाम इसलिए भी राजनीतिक रूप से अहम रहा, क्योंकि यहां भाजपा की मीनू सिंह को हार मिली. मीनू सिंह नगर निगम के उप महापौर गिरीश चौधरी की पत्नी हैं. गिरीश चौधरी पहले कांग्रेस में थे और बाद में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे. इसके बावजूद वार्ड 18 में भाजपा प्रत्याशी के तौर पर उनकी पत्नी चुनाव नहीं जीत सकीं. कांग्रेस की मीनू डागुर ने उन्हें शिकस्त दी. यह परिणाम स्थानीय राजनीति में दल बदल के बाद बने समीकरणों और व्यक्तिगत जनाधार को लेकर भी चर्चा का विषय बन गया है.
65 वार्डों में किस पार्टी को कितनी सीट: भरतपुर नगर निगम के परिणाम में भाजपा को 20, कांग्रेस को 7, बसपा को 1 और आरएलपी को 1 वार्ड में जीत मिली. इसके अलावा 36 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे. इस तरह किसी भी राजनीतिक दल के पास अपने दम पर बहुमत नहीं है. 65 सदस्यीय सदन में बहुमत के लिए 33 पार्षदों की जरूरत होगी. भाजपा 20 सीटों के साथ बहुमत से 13 दूर है, जबकि कांग्रेस के पास सिर्फ 7 सीटें हैं. दूसरी ओर निर्दलीयों की संख्या 36 है, जो बहुमत के आंकड़े से भी तीन अधिक है।
निर्दलीय रहेंगे किंगमेकर: भरतपुर नगर निगम चुनाव का सबसे बड़ा सवाल अब यह नहीं है कि कौन सबसे ज्यादा सीटें जीतकर आया, बल्कि यह है कि 36 निर्दलीय पार्षद किसके साथ खड़े होंगे. भाजपा 20 सीटों के साथ सबसे बड़ी दलगत ताकत है, लेकिन बहुमत से काफी दूर है. कांग्रेस की स्थिति और कमजोर है. ऐसे में निगम की अगली सत्ता का रास्ता निर्दलीयों के बीच से होकर गुजरता दिखाई दे रहा है।
कुछ यू रहा वार्ड का परिंणाम
- वार्ड 1 करन सिंह, निर्दलीय
- वार्ड 2 अम्बिका सैनी, निर्दलीय
- वार्ड 3 आकाश निराला, निर्दलीय
- वार्ड 4 अरविन्द, निर्दलीय
- वार्ड 5 गजेन्द्र कुमार, कांग्रेस
- वार्ड 6 कमलेश, निर्दलीय
- वार्ड 7 कुंदन, निर्दलीय
- वार्ड 8 जीतेंद्र सिंह, भाजपा
- वार्ड 9 कमलेश, निर्दलीय
- वार्ड 10 अमरनाथ, निर्दलीय
- वार्ड 11 तेजराम, निर्दलीय
- वार्ड 12 सुधा शर्मा, भाजपा
- वार्ड 13 ओमप्रकाश, कांग्रेस
- वार्ड 14 अर्जनसिंह, निर्दलीय
- वार्ड 15 बरफी, निर्दलीय
- वार्ड 16 मोतीसिंह बसपा
- वार्ड 17 विचित्रा सिंह, निर्दलीय
- वार्ड 18 मीनू डागुर, कांग्रेस
- वार्ड 19 मनोज सिंह भाजपा
- वार्ड 20 पूनम, निर्दलीय
- वार्ड 21 गोपाल, आरएलपी
- वार्ड 22 नीतू सिंह, भाजपा
- वार्ड 23 किरन, भाजपा
- वार्ड 24 राजेन्द्र कुमार, निर्दलीय
- वार्ड 25 आरती, निर्दलीय
- वार्ड 26 वीरमती, निर्दलीय
- वार्ड 27 लोकेश, निर्दलीय
- वार्ड 28 नीलम, भाजपा
- वार्ड 29 राजवीर, भाजपा
- वार्ड 30 राजकुमार, निर्दलीय
- वार्ड 31 भास्कर, निर्दलीय
- वार्ड 32 सुलेखा, भाजपा
- वार्ड 33 जयप्रकाश शर्मा, निर्दलीय
- वार्ड 34 वंदना, निर्दलीय
- वार्ड 35 राकेश, कांग्रेस
- वार्ड 36 किरणदेवी, निर्दलीय
- वार्ड 37 अमरसिंह निर्दलीय
- वार्ड 38 धीरजकुमार, निर्दलीय
- वार्ड 39 जगदीश, निर्दलीय
- वार्ड 40 रीना, भाजपा
- वार्ड 41 योगेश्वरी, भाजपा
- वार्ड 42 रूपेंद्रसिंह, भाजपा
- वार्ड 43 प्रेमपाल, भाजपा
- वार्ड 44 भीमसिंह, भाजपा
- वार्ड 45 योगिता, निर्दलीय
- वार्ड 46 शीला, निर्दलीय
- वार्ड 47 प्रह्लाद, निर्दलीय
- वार्ड 48 मानवेन्द्र, निर्दलीय
- वार्ड 49 योगेश, कांग्रेस
- वार्ड 50 लक्ष्मी, भाजपा
- वार्ड 51 सुशील शर्मा, भाजपा
- वार्ड 52 रीना कुमारी, निर्दलीय
- वार्ड 53 जयश्री, निर्दलीय
- वार्ड 54 हरेंद्र, भाजपा
- वार्ड 55 दयानन्द पचौरी, कांग्रेस
- वार्ड 56 कल्पेश, निर्दलीय
- वार्ड 57 देवेंद्रसिंह, भाजपा
- वार्ड 58 निशा अग्रवाल, भाजपा
- वार्ड 59 आरती, निर्दलीय
- वार्ड 60 जितेंद्र, निर्दलीय
- वार्ड 61, अनुराधा भाजपा
- वार्ड 62 जगदीशसिंह, भाजपा
- वार्ड 63 सुनीता, निर्दलीय
- वार्ड 64 रामेश्वरसिंह, निर्दलीय
- वार्ड 65 जनार्दनसिंह. निर्दलीय








