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August 23, 2026 6:45 pm

ऑपरेशन सिंदूर में तबाह जैश का बहावलपुर ठिकाना फिर तैयार! मरकज सुभान अल्लाह के दोबारा एक्टिव होने की खबर

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पाकिस्तान के बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख परिसर मरकज सुभान अल्लाह के दोबारा तैयार होने की खबर ने सुरक्षा एजेंसियों और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। रिपोर्टों के मुताबिक, मई 2025 में भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान क्षतिग्रस्त किए गए इस परिसर का पुनर्निर्माण अब काफी हद तक पूरा हो चुका है। ताजा तस्वीरों और वीडियो के आधार पर परिसर में दोबारा गतिविधियां दिखाई देने का दावा किया गया है। हालांकि, सामने आए वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

ऑपरेशन सिंदूर में बनाया गया था निशाना

मरकज सुभान अल्लाह को जैश-ए-मोहम्मद का महत्वपूर्ण परिसर माना जाता रहा है। मई 2025 में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थित कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। बहावलपुर का यह परिसर भी उन ठिकानों में शामिल था। हमले के बाद सामने आई तस्वीरों में परिसर को काफी नुकसान पहुंचा हुआ दिखाई दिया था।

भारत की कार्रवाई पहलगाम आतंकी हमले के बाद की गई थी। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कई ठिकानों को निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई थी।

15 महीने बाद फिर खड़ा हुआ परिसर

अब करीब 15 महीने बाद सामने आई नई तस्वीरों में बहावलपुर स्थित परिसर के क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत पूरी होने के संकेत मिले हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, परिसर की मस्जिद के गुंबदों की मरम्मत की गई है और केंद्रीय हॉल समेत आसपास के हिस्सों में निर्माण और सजावट का काम पूरा किया गया है।

मई 2026 में सामने आई सैटेलाइट तस्वीरों में भी इस परिसर में भारी मशीनरी और निर्माण गतिविधियां दिखाई दी थीं। तस्वीरों के विश्लेषण के आधार पर विशेषज्ञों ने इसे पुनर्निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ा था।

क्या दोबारा शुरू हो गई गतिविधियां?

ताजा रिपोर्टों में दावा किया गया है कि पुनर्निर्माण के बाद परिसर में फिर से गतिविधियां दिखाई दे रही हैं और इसे दोबारा ऑपरेशनल बनाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इस दावे को लेकर सावधानी जरूरी है। उपलब्ध रिपोर्टों में परिसर के पुनर्निर्माण के पर्याप्त दृश्य प्रमाण बताए गए हैं, लेकिन वहां किसी विशिष्ट आतंकी गतिविधि के दोबारा शुरू होने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

यही वजह है कि सुरक्षा विशेषज्ञ इस घटनाक्रम को केवल इमारत के दोबारा निर्माण के तौर पर नहीं, बल्कि पाकिस्तान में आतंकी नेटवर्क के बुनियादी ढांचे को लेकर व्यापक चिंता के संदर्भ में देख रहे हैं।

जैश के लिए क्यों अहम है बहावलपुर?

बहावलपुर स्थित मरकज सुभान अल्लाह लंबे समय से जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा महत्वपूर्ण परिसर माना जाता रहा है। संगठन के प्रमुख मसूद अजहर का नाम भी इस परिसर से जुड़ा रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस स्थान को निशाना बनाए जाने के बाद इसका बड़े पैमाने पर क्षतिग्रस्त होना भारत की कार्रवाई का अहम हिस्सा था।

अब उसी परिसर का दोबारा तैयार होना इस बात पर सवाल खड़े करता है कि आतंकवादी संगठनों के बुनियादी ढांचे को रोकने के लिए पाकिस्तान में कितने प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

पहले भी सामने आई थी पुनर्निर्माण की जानकारी

बहावलपुर परिसर के पुनर्निर्माण की जानकारी अचानक सामने नहीं आई है। अप्रैल 2026 की सैटेलाइट तस्वीरों में भी वहां निर्माण गतिविधियां देखी गई थीं। रिपोर्टों के मुताबिक, भारी मशीनरी और निर्माण सामग्री के साथ क्षतिग्रस्त हिस्सों को हटाने और नए निर्माण का काम किया जा रहा था।

अब अगस्त 2026 में सामने आई तस्वीरें बताती हैं कि पुनर्निर्माण का काम काफी आगे बढ़ चुका है। इससे यह संकेत मिलता है कि पिछले कई महीनों से परिसर को दोबारा खड़ा करने की प्रक्रिया चल रही थी।

आतंक के खिलाफ कार्रवाई के बाद फिर निर्माण पर सवाल

इस घटनाक्रम ने पाकिस्तान की आतंकवाद विरोधी नीति पर भी सवाल खड़े किए हैं। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए सीमा पार आतंकी ढांचे को निशाना बनाने का संदेश दिया था। ऐसे में उसी संगठन से जुड़े एक प्रमुख परिसर का दोबारा तैयार होना सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय माना जा रहा है।

हालांकि, यह भी स्पष्ट करना जरूरी है कि किसी इमारत के पुनर्निर्माण और वहां आतंकी गतिविधियों के सक्रिय होने के बीच सीधा निष्कर्ष निकालना तभी संभव है, जब उसके समर्थन में स्वतंत्र और विश्वसनीय प्रमाण उपलब्ध हों। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टें मुख्य रूप से पुनर्निर्माण और परिसर में गतिविधि दिखाई देने की बात करती हैं।

भारत की सुरक्षा के लिए क्यों महत्वपूर्ण है घटनाक्रम?

बहावलपुर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित है और वहां स्थित यह परिसर भारत के खिलाफ सक्रिय रहे जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा रहा है। इसलिए इसके पुनर्निर्माण की खबर भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठान के लिए स्वाभाविक रूप से महत्वपूर्ण है।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि पाकिस्तान की ओर से इस परिसर और वहां होने वाली गतिविधियों को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है या नहीं। साथ ही, आने वाले समय में सामने आने वाली सैटेलाइट तस्वीरें और अन्य स्वतंत्र आकलन यह स्पष्ट कर सकते हैं कि परिसर में वास्तविक रूप से किस तरह की गतिविधियां चल रही हैं।

कुल मिलाकर, ऑपरेशन सिंदूर में क्षतिग्रस्त हुआ मरकज सुभान अल्लाह अब फिर से तैयार दिखाई दे रहा है। पुनर्निर्माण की पुष्टि करने वाली तस्वीरें और रिपोर्टें सामने आई हैं, लेकिन परिसर में आतंकी गतिविधियां पूरी तरह दोबारा शुरू होने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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