जयपुर: राजस्थान के जयपुर ग्रामीण इलाके में सरकारी स्कूल के निरीक्षण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कानूनी लड़ाई में बदल गया है। रामपुरा-कंवरपुरा गांव में CJP की टीम के स्कूल निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों और पार्टी नेताओं-कार्यकर्ताओं के बीच विवाद और झड़प की घटना सामने आई थी। अब पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस FIR दर्ज की है।
आशुतोष रांका समेत कई लोगों पर मामला दर्ज
एक शिकायत में CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका समेत करीब 50-60 लोगों के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ SC-ST एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं। पुलिस के मुताबिक मामले में SC-ST एक्ट की धाराएं 3(1)(r), 3(1)(s) और 3(2)(va) का उल्लेख है।
CJP की ओर से भी शिकायत
दूसरी तरफ CJP नेता रेखा शर्मा की शिकायत पर गांव के कुछ लोगों के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई है। इसमें मारपीट, पथराव और वाहनों के शीशे तोड़ने समेत कई आरोप लगाए गए हैं। यानी पुलिस के सामने अब दोनों पक्षों के आरोप और उनके समर्थन में दिए जाने वाले साक्ष्यों की जांच का मामला है।
स्कूल निरीक्षण के दौरान कैसे बढ़ा विवाद?
यह पूरा विवाद CJP के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत सरकारी स्कूल के निरीक्षण से जुड़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक CJP की टीम रामपुरा-कंवरपुरा गांव के सरकारी स्कूल की स्थिति देखने पहुंची थी। इसी दौरान ग्रामीणों ने टीम का विरोध किया और देखते ही देखते मामला तनावपूर्ण हो गया। ग्रामीणों ने टीम को वहां से लौटने के लिए मजबूर किया।
मामले को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। CJP की ओर से आरोप लगाया गया कि टीम के साथ मारपीट और पथराव किया गया, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि वे अपने गांव और स्कूल के मामले में बाहरी राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं चाहते थे।
स्कूल की स्थिति भी बनी विवाद की वजह
विवाद के बीच संबंधित सरकारी स्कूल की स्थिति भी चर्चा में आ गई है। मीडिया रिपोर्टों में स्कूल भवन की खराब हालत और बच्चों की पढ़ाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की बात सामने आई है। CJP ने इसी मुद्दे को अपने अभियान के तहत उठाया था।
CJP नेताओं का आरोप है कि स्कूल की बदहाल स्थिति को सामने लाने की कोशिश के दौरान उनके साथ विरोध और मारपीट हुई। वहीं ग्रामीणों की ओर से इस पूरे मामले को राजनीतिक रंग दिए जाने पर आपत्ति जताई गई है।
पुलिस कर रही दोनों मामलों की जांच
क्रॉस FIR दर्ज होने के बाद पुलिस अब दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच कर रही है। FIR में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों और अन्य तथ्यों के आधार पर होगी। अभी FIR दर्ज होना किसी भी पक्ष के आरोपों को अदालत में साबित होना नहीं माना जाता।
फिलहाल जयपुर का यह स्कूल विवाद शिक्षा व्यवस्था, ग्रामीणों की आपत्ति और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े कई सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ और किसकी भूमिका क्या रही।








