बिहार के लखीसराय जिले में सावन की सोमवारी के मौके पर बड़ा हादसा हो गया। अशोकधाम मंदिर में भगवान शिव के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान मंदिर परिसर में अचानक भगदड़ मच गई। हादसे में 7 श्रद्धालुओं की मौत होने की खबर है, जबकि कई अन्य लोगों के घायल होने की सूचना सामने आई है। घटना के बाद मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सावन की सोमवारी होने के कारण सुबह से ही अशोकधाम मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हुई थीं। बड़ी संख्या में लोग भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंच रहे थे। भीड़ लगातार बढ़ती गई और इसी बीच हालात बिगड़ गए। अचानक हुई भगदड़ में कई श्रद्धालु एक-दूसरे की चपेट में आ गए।
मंदिर परिसर में मची अफरा-तफरी
भगदड़ के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। श्रद्धालु इधर-उधर भागने लगे और अपने परिजनों को तलाशते नजर आए। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया तथा घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे के बाद मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। सावन की सोमवारी को देखते हुए मंदिर में पहले से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद थी। ऐसे में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए किए गए इंतजामों की भी जांच की जा रही है।
अस्पताल पहुंचाए गए घायल
भगदड़ में घायल हुए लोगों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। प्रशासन की टीमें स्थिति को संभालने में जुटी हैं। मृतकों की पहचान और हादसे के कारणों से जुड़ी जानकारी जुटाने का काम भी किया जा रहा है।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव अभियान की निगरानी की। मंदिर और आसपास के क्षेत्र में लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने के प्रयास किए गए, ताकि स्थिति दोबारा न बिगड़े।
सावन सोमवारी पर उमड़ी थी भारी भीड़
अशोकधाम मंदिर सावन के महीने में श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। सावन की सोमवारी के दिन यहां भगवान शिव के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसी वजह से सोमवार को भी मंदिर में सुबह से ही भारी भीड़ जमा थी।
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं। प्रशासन की ओर से हादसे की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
हादसे के बाद बढ़ी चिंता
अशोकधाम मंदिर में हुए इस हादसे ने धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खासकर सावन, महाशिवरात्रि और अन्य बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान मंदिरों में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में प्रवेश और निकास के अलग-अलग रास्ते, बैरिकेडिंग, मेडिकल टीम, आपातकालीन निकासी व्यवस्था और पर्याप्त सुरक्षा बल बेहद जरूरी होते हैं।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना और मृतकों के परिजनों को आवश्यक सहायता पहुंचाना है। हादसे की विस्तृत परिस्थितियों और भगदड़ की वजह को लेकर प्रशासनिक जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।
अशोकधाम मंदिर में सावन सोमवारी के दिन हुआ यह हादसा पूरे इलाके में शोक का माहौल पैदा कर गया है। दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच अचानक मची भगदड़ ने 7 परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया।








