इंदौर। जन विकास सोसायटी इंदौर से बापू गांधी नगर, स्कीम नंबर 140 एवं शिव-पार्वती नगर के सात स्वयं सहायता समूहों की 35 महिलाओं तथा 10 डिजिटल फ्रेंड किशोरी बालिकाओं ने जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट का अनुभवात्मक भ्रमण किया। भ्रमण का उद्देश्य सेंटर की निदेशक डॉ. जनक पलटा मगिलिगन (जनक दीदी) से पर्यावरण संरक्षण एवं सतत आजीविका के व्यावहारिक पाठ सीखना था।
जनक दीदी ने प्रतिभागियों का अत्यंत स्नेहपूर्वक स्वागत किया। उन्होंने बताया कि यह घर उनके पति स्वर्गीय जिम्मी मगिलिगन ने अपने हाथों से बनाया था। घर पूरा होने से पहले उन्होंने सोलर एवं विंड पावर स्टेशन स्थापित किया, जो दिसंबर 2010 से गांव के 50 आदिवासी परिवारों को निशुल्क स्ट्रीट लाइट की आपूर्ति कर रहा है। दुर्भाग्यवश 21 अप्रैल 2011 को सड़क दुर्घटना में उनके पति का निधन हो गया। उस दुर्घटना से बचने के बाद डॉ. जनक ने स्वयं को संभाला और सनावदिया में अपने घर ‘गिरिदर्शन’ में रहकर सतत विकास के प्रति लोगों को जागरूक करने का कार्य जारी रखा। उन्होंने इस काम को अपने पति को समर्पित करते हुए सेंटर का नाम जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट रखा। यहां किसी प्रकार का आर्थिक सहयोग नहीं लिया जाता।
सेंटर में प्रतिभागियों ने जैव विविधता, वर्षाजल संचयन, जैविक खेती, सोलर कुकिंग और सोलर ड्रायर के उपयोग से संयमित, प्राकृतिक, सात्विक एवं स्वस्थ जीवन जीने के तरीके सीखे। श्रीमती आभा पलटा तिवारी दीदी के साथ सेल्फ-सस्टेनेबल परिसर का भ्रमण करते हुए उन्होंने हड्डी जोड़, गिलोय, पुनर्नवा जैसे औषधीय पौधे, दालें, जड़ी-बूटियां, मसाले तथा देशी बीजों के संरक्षण को देखा।
उन्हें रासायनिक मुक्त रंगों का प्रदर्शन भी दिखाया गया। इसमें बोगनविलिया के फूलों की पंखुड़ियों से होली का गुलाल, संतरे के फल का जैम और छिलके से केसरिया रंग, टेसू व पोई का पिचकारी रंग, अंबाड़ी का शरबत, नीम-गोमूत्र से फिनाइल, एलोवेरा से शैम्पू तथा अन्य हर्बल होली रंग शामिल थे। डॉ. जनक ने बच्चों को मोबाइल फोन की लत से दूर रखने तथा उन्हें खेलकूद, बागवानी और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
इसके बाद डॉ. जनक पलटा मगिलिगन ने अपने 41 वर्षों के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने ब्रिटेन छोड़कर भारत में रहकर अपने पति के साथ मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 500 से अधिक आदिवासी गांवों में सतत विकास का कार्य किया। सतत विकास व्यक्तिगत, परिवार और समाज की भूमिका पर केंद्रित है।
जन विकास सोसायटी के निदेशक फादर शिनोज जोसेफ ने आभार व्यक्त करते हुए कहा, “हमारा सौभाग्य है कि पद्मश्री सम्मानित समाजसेवी डॉ. जनक पलटा मगिलिगन ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं एवं किशोरियों को स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर कम लागत में सतत आजीविका के अवसर विकसित करने तथा सोलर ड्रायर के माध्यम से फल, सब्जियों एवं अन्य खाद्य पदार्थों का प्रसंस्करण कर मूल्यवर्धन एवं आय बढ़ाने की प्रेरणा दी। उन्होंने महिलाओं को समूहों के माध्यम से छोटे व्यवसाय शुरू कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने तथा स्वदेशी ज्ञान से आत्मनिर्भर जीवन के गुर और कौशल सीखने के लिए प्रेरित किया।”








