बिहार के रोहतास जिले के डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. विमल कुमार की हत्या के बाद पूरे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। घटना से नाराज लोगों, नगर परिषद के कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया तथा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, कड़ी कार्रवाई और सरकारी अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। इस घटना ने एक बार फिर बिहार में कानून-व्यवस्था और सरकारी अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, डॉ. विमल कुमार पर अज्ञात हमलावरों ने हमला किया, जिसमें उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ-साथ आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में हत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए कई पहलुओं पर जांच की जा रही है।
घटना की खबर फैलते ही नगर परिषद के कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य सड़क को जाम कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि यदि एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी भी सुरक्षित नहीं है, तो आम लोगों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रदर्शन के कारण कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि हत्या के दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही उन्होंने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था लागू करने की भी मांग की। कर्मचारियों का कहना था कि कई अधिकारी पहले भी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जता चुके हैं, लेकिन इस दिशा में पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए।
पुलिस प्रशासन ने लोगों को शांत कराने का प्रयास किया और भरोसा दिलाया कि मामले की जांच तेजी से की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि विशेष जांच टीम का गठन किया गया है और सभी संभावित एंगल से जांच की जा रही है। पुलिस ने दावा किया कि तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों तक जल्द पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
इस घटना ने राज्य में सरकारी अधिकारियों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। राजनीतिक दलों ने भी मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है। कई नेताओं ने कहा कि यदि सरकारी अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो शासन-प्रशासन की व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगते हैं।
फिलहाल डेहरी में स्थिति पुलिस की निगरानी में है, लेकिन लोगों का गुस्सा अभी भी शांत नहीं हुआ है। सभी की निगाहें अब पुलिस जांच पर टिकी हैं कि आखिर डॉ. विमल कुमार की हत्या के पीछे कौन लोग थे और उन्हें कब तक कानून के शिकंजे में लाया जाएगा। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।








