संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही विपक्षी दलों के जोरदार हंगामे की भेंट चढ़ गई। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विभिन्न विपक्षी दलों के सांसद अपने-अपने मुद्दों को लेकर नारेबाजी करने लगे, जिससे सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। लगातार बढ़ते शोर-शराबे और व्यवधान के बीच लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करने की घोषणा कर दी।
सदन की शुरुआत प्रश्नकाल के साथ हुई, लेकिन विपक्षी सांसद अपनी सीटों से उठकर सदन के वेल में पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा था और सरकार से जवाब चाहता था। लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शन के कारण सदन का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।
लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्षी सांसदों से कई बार अपनी-अपनी सीटों पर लौटने और सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर सदस्य को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन इसके लिए सदन की गरिमा बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। हालांकि, विपक्षी सांसदों ने अपना विरोध जारी रखा, जिसके चलते कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी।
हंगामे के कारण प्रश्नकाल और अन्य निर्धारित विधायी कार्य प्रभावित हुए। सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण विधेयकों और अन्य सरकारी कार्यों को सदन के एजेंडे में शामिल किया गया था, लेकिन लगातार व्यवधान के चलते उन पर चर्चा नहीं हो सकी।
संसद परिसर के बाहर भी विपक्षी दलों के सांसदों ने प्रदर्शन किया और मीडिया से बातचीत करते हुए सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया। वहीं, सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने और महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों पर चर्चा नहीं होने देने का आरोप लगाया।
संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन सदन की कार्यवाही बाधित करना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने विपक्ष से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि जनता ने सांसदों को संसद में बहस और कानून बनाने के लिए चुना है, इसलिए सभी दलों को सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने में सहयोग करना चाहिए।
दूसरी ओर, विपक्ष का कहना है कि जिन मुद्दों को लेकर वह आवाज उठा रहा है, उन पर सरकार स्पष्ट जवाब देने से बच रही है। विपक्ष ने मांग की कि संबंधित विषयों पर तत्काल चर्चा कराई जाए और सरकार अपना पक्ष सदन में रखे।
लगातार हो रहे हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ने स्थिति को देखते हुए सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध खत्म होगा या फिर संसद में हंगामे का सिलसिला जारी रहेगा।








