बिहार के दरभंगा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पर हिंसक राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन हिंसा और पत्थरबाजी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने की अपील की।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने शहर में मार्च निकालकर कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि हाल के घटनाक्रमों में जिस तरह हिंसा और पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आई हैं, उससे लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुंची है। पार्टी नेताओं का कहना था कि कानून अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ बिना किसी राजनीतिक दबाव के कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक लाभ के लिए हिंसा का सहारा ले रही है। उनका कहना था कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र की पहचान है, लेकिन सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और सुरक्षा बलों पर हमला करना गंभीर अपराध है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि घटना में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
भाजपा नेताओं ने यह भी कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो इससे गलत संदेश जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो भाजपा आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेगी।
वहीं, कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर अलग रुख सामने आया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि भाजपा राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से बेबुनियाद आरोप लगा रही है। कांग्रेस का दावा है कि वह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने में विश्वास करती है तथा हिंसा से उसका कोई संबंध नहीं है।
फिलहाल पूरे मामले को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। प्रशासन की ओर से घटना की जांच की जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।








