प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज चंडीगढ़ में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर PM मोदी ने चंडीगढ़ की लोक संस्कृति और आध्यात्मिक महत्व का जिक्र करते हुए कहा, “शहर पर मां चंडी का आशीर्वाद है…”। यह कार्यक्रम हाइड्रोजन ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में भारत की महत्वाकांक्षी पहल को मजबूती देता है।
PM मोदी का भाषण
समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,
“चंडीगढ़ शहर पर मां चंडी का आशीर्वाद है। यह शहर विकास और आधुनिकता का प्रतीक है। आज हम हाइड्रोजन ट्रेन के रूप में एक नई क्रांति की शुरुआत कर रहे हैं, जो पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक बनेगी।”
PM मोदी ने हाइड्रोजन ट्रेन को ‘ग्रीन मोबिलिटी’ का भविष्य बताया। उन्होंने कहा कि यह ट्रेन न केवल प्रदूषण मुक्त होगी बल्कि भारत को ऊर्जा क्षेत्र में विश्व स्तर पर अग्रणी बनाएगी।
हाइड्रोजन ट्रेन की खासियतें
- स्वदेशी तकनीक पर आधारित यह ट्रेन हाइड्रोजन ईंधन से चलती है।
- इसमें शून्य कार्बन उत्सर्जन (Zero Emission) है।
- चंडीगढ़ से शुरू होकर यह ट्रेन आसपास के प्रमुख शहरों को जोड़ेगी।
- रेल मंत्रालय के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट पूरे देश में हाइड्रोजन आधारित रेल नेटवर्क का आधार बनेगा।
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर चंडीगढ़ के विकास कार्यों की भी सराहना की और कहा कि शहर को और आधुनिक बनाने के लिए केंद्र सरकार लगातार काम कर रही है।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
कार्यक्रम में हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। विपक्षी दलों ने भी इस पहल का स्वागत किया है, हालांकि कुछ नेताओं ने कहा कि परियोजना की लागत और क्रियान्वयन पर नजर रखी जानी चाहिए।
हाइड्रोजन मिशन का महत्व
भारत सरकार का नेशनल हाइड्रोजन मिशन जलवायु परिवर्तन से निपटने और नेट-जीरो लक्ष्य हासिल करने की दिशा में अहम कदम है। हाइड्रोजन ट्रेन इस मिशन का हिस्सा है, जो रेलवे को ग्रीन बनाने में मदद करेगी।
PM मोदी ने अपने भाषण में युवाओं, किसानों और महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
अपडेट: हाइड्रोजन ट्रेन की पहली यात्रा सफल रही। सरकार जल्द ही अन्य शहरों में भी ऐसी ट्रेनें चलाने की योजना बना रही है।








