Explore

Search

July 15, 2026 2:00 pm

E20 पेट्रोल विवाद पर यूट्यूबर सौरव जोशी ने मांगी माफी, बोले- दिक्कत पेट्रोल में नहीं, मेरी मर्सिडीज में थी

WhatsApp
Facebook
Twitter
Email

देश के लोकप्रिय यूट्यूबर सौरव जोशी ने E20 पेट्रोल को लेकर उठे विवाद पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी मर्सिडीज कार में आई तकनीकी खराबी का कारण E20 पेट्रोल नहीं था, बल्कि वाहन के इंजन में पहले से मौजूद एक तकनीकी समस्या थी। सौरव ने कहा कि शुरुआती जानकारी के आधार पर उन्होंने जो टिप्पणी की थी, वह पूरी जांच से पहले की गई थी और अब वह अपनी बात को स्पष्ट करना चाहते हैं।

कुछ दिन पहले सौरव जोशी ने एक वीडियो में दावा किया था कि उनकी लग्जरी मर्सिडीज कार में E20 पेट्रोल भरवाने के बाद इंजन में दिक्कत आने लगी। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और कई लोगों ने E20 ईंधन की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए। इस मामले ने ऑटोमोबाइल जगत और सोशल मीडिया पर बड़ी बहस छेड़ दी थी।

हालांकि, बाद में वाहन की विस्तृत जांच और तकनीकी परीक्षण के बाद सौरव जोशी ने नया वीडियो जारी कर अपनी पहले की बात को संशोधित किया। उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों द्वारा जांच करने पर पता चला कि समस्या का कारण E20 पेट्रोल नहीं, बल्कि उनकी कार के इंजन में मौजूद तकनीकी खराबी थी। उन्होंने कहा कि बिना पूरी जानकारी के दिए गए बयान से लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हुई, जिसके लिए उन्हें खेद है।

सौरव जोशी ने अपने वीडियो में कहा कि उनका उद्देश्य किसी ईंधन या कंपनी की छवि खराब करना नहीं था। उन्होंने दर्शकों से अपील की कि किसी भी तकनीकी समस्या को लेकर अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले विशेषज्ञों की राय और जांच रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए। उन्होंने यह भी माना कि सार्वजनिक मंच पर दी गई जानकारी की जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी होती है।

E20 पेट्रोल भारत सरकार की एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति का हिस्सा है। इसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। सरकार का उद्देश्य इस ईंधन के जरिए कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, प्रदूषण घटाना और किसानों की आय बढ़ाने में मदद करना है। नई पीढ़ी के कई वाहन E20 ईंधन के अनुरूप तैयार किए जा रहे हैं, जबकि पुराने वाहनों के लिए निर्माता कंपनियां अलग-अलग दिशानिर्देश जारी करती हैं।

ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का कहना है कि किसी वाहन में तकनीकी खराबी आने के कई कारण हो सकते हैं। केवल ईंधन को जिम्मेदार ठहराने से पहले इंजन, फ्यूल सिस्टम और अन्य मैकेनिकल हिस्सों की पूरी जांच जरूरी होती है। यदि वाहन निर्माता द्वारा E20 ईंधन की अनुमति दी गई है, तो सामान्य परिस्थितियों में उसका उपयोग सुरक्षित माना जाता है।

सौरव जोशी की सफाई के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। कई लोगों ने उनकी गलती स्वीकार करने की सराहना की, जबकि कुछ यूजर्स ने कहा कि सोशल मीडिया पर बड़ी पहुंच रखने वाले लोगों को किसी भी तकनीकी विषय पर टिप्पणी करने से पहले तथ्यों की पुष्टि जरूर करनी चाहिए।

फिलहाल सौरव जोशी के इस स्पष्टीकरण के बाद E20 पेट्रोल को लेकर फैली कई गलतफहमियां दूर होती नजर आ रही हैं। विशेषज्ञों का भी मानना है कि वाहन मालिकों को ईंधन के चयन और वाहन संबंधी किसी भी समस्या के लिए हमेशा अधिकृत सर्विस सेंटर और तकनीकी विशेषज्ञों की सलाह लेनी चाहिए।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

ताजा खबरों के लिए एक क्लिक पर ज्वाइन करे व्हाट्सएप ग्रुप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर