राजधानी दिल्ली में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ती नजर आ रही है। पिछले कुछ दिनों तक हुई बारिश के बाद अब आसमान साफ रहने से लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश थमने के साथ ही तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है और अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। वहीं, हवा में नमी का स्तर अधिक होने के कारण लोगों को चिपचिपी गर्मी ने बेहाल कर दिया है।
मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में मानसून की सक्रियता कमजोर हुई है, जिसके चलते अगले कुछ दिनों तक व्यापक बारिश की संभावना कम है। दिन के समय तेज धूप निकलने और नमी अधिक होने से ‘फील्स लाइक’ तापमान वास्तविक तापमान से भी अधिक महसूस हो रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, बच्चों और खुले में काम करने वाले लोगों पर पड़ रहा है।
सुबह से ही तेज धूप और उमस के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर के समय सड़कों पर निकलने वाले लोगों को गर्म हवाओं और चिपचिपे मौसम से राहत नहीं मिली। कई इलाकों में बिजली की खपत भी बढ़ गई, क्योंकि लोग गर्मी से बचने के लिए एयर कंडीशनर और कूलर का अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून में बीच-बीच में ऐसे ‘ब्रेक’ आना सामान्य प्रक्रिया है। इस दौरान बारिश कम हो जाती है और तापमान तथा उमस दोनों बढ़ जाते हैं। हालांकि, मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि सप्ताह के दूसरे हिस्से में मौसम फिर करवट ले सकता है और कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बन सकती है। यदि ऐसा होता है तो लोगों को उमस और गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी इस मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनका कहना है कि उमस भरी गर्मी में शरीर से अधिक पसीना निकलता है, जिससे डिहाइड्रेशन, थकान और हीट स्ट्रेस जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने, धूप में लंबे समय तक रहने से बचने और जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग लगातार परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए है और लोगों से ताजा मौसम पूर्वानुमान पर ध्यान देने की अपील की है। फिलहाल राजधानी में बारिश थमने से उमस का असर बना हुआ है, लेकिन आने वाले दिनों में मानसून के फिर सक्रिय होने की उम्मीद जताई जा रही है। तब तक दिल्लीवासियों को गर्मी और चिपचिपे मौसम का सामना करना पड़ सकता है।








