नवजात शिशुओं की त्वचा पर जन्म के समय दिखने वाले निशान यानी बर्थमार्क को अक्सर सामान्य माना जाता है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि हर बर्थमार्क साधारण नहीं होता। कई मामलों में यह एक मेडिकल स्थिति हेमेंजियोमा (Hemangioma) भी हो सकती है, जो समय रहते पहचान और इलाज न होने पर बढ़ सकती है।
डॉक्टरों ने माता-पिता को चेतावनी दी है कि अगर बच्चे के शरीर पर लाल, नीले या उभरे हुए निशान दिखाई दें, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लें।
क्या होता है हेमेंजियोमा?
हेमेंजियोमा एक प्रकार का रक्त वाहिकाओं (blood vessels) का असामान्य जमाव होता है, जो त्वचा पर लाल या गुलाबी उभार के रूप में दिखाई देता है। यह अक्सर जन्म के कुछ दिनों या हफ्तों बाद विकसित होता है और धीरे-धीरे आकार में बढ़ सकता है।
डॉक्टरों के अनुसार, यह स्थिति ज्यादातर मामलों में हानिरहित होती है, लेकिन कुछ स्थितियों में यह आंख, नाक या सांस की नली जैसे संवेदनशील हिस्सों पर असर डाल सकती है।
हेमेंजियोमा के कारण
विशेषज्ञों का कहना है कि हेमेंजियोमा का सटीक कारण पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह भ्रूण के विकास के दौरान रक्त वाहिकाओं के असामान्य विकास से जुड़ा माना जाता है। कुछ मामलों में यह समय से पहले जन्मे बच्चों (premature babies) में अधिक देखने को मिलता है।
लक्षणों को कैसे पहचानें?
- त्वचा पर लाल या गुलाबी उभरा हुआ निशान
- शुरुआती दिनों में छोटा दिखना और धीरे-धीरे बढ़ना
- चेहरे, सिर या गर्दन पर अधिक सामान्य
- कुछ मामलों में हल्का दर्द या संवेदनशीलता
डॉक्टरों का कहना है कि अगर निशान तेजी से बढ़ रहा हो या बच्चे के किसी जरूरी अंग के आसपास हो, तो तुरंत जांच कराना जरूरी है।
इलाज और देखभाल
हेमेंजियोमा के अधिकांश मामलों में इलाज की जरूरत नहीं होती और यह समय के साथ अपने आप कम हो सकता है। हालांकि, गंभीर मामलों में डॉक्टर दवाइयों, लेजर थेरेपी या अन्य मेडिकल उपचार की सलाह दे सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर पहचान और नियमित जांच से जटिलताओं से बचा जा सकता है।
डॉक्टरों की सलाह
बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि माता-पिता को बच्चों की त्वचा में होने वाले किसी भी बदलाव को गंभीरता से लेना चाहिए। शुरुआती जांच से न केवल सही इलाज संभव होता है, बल्कि भविष्य की जटिलताओं से भी बचा जा सकता है।
निष्कर्ष
नवजात शिशु के शरीर पर दिखने वाला हर बर्थमार्क सामान्य नहीं होता। हेमेंजियोमा जैसी स्थिति की समय पर पहचान और इलाज बेहद जरूरी है। डॉक्टरों की सलाह है कि किसी भी संदिग्ध निशान को नजरअंदाज न करें और तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करें।








