भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राजधानी में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन को लेकर ताजा अनुमान जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, यदि मौजूदा परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं तो जून के अंतिम सप्ताह तक मानसून दिल्ली-एनसीआर में दस्तक दे सकता है। इसके साथ ही राजधानी में तापमान में गिरावट और बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
जून के आखिर में पहुंच सकता है मानसून
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून हर साल एक तय प्रक्रिया के तहत देश के विभिन्न हिस्सों में आगे बढ़ता है। आमतौर पर मानसून सबसे पहले केरल तट पर पहुंचता है और फिर धीरे-धीरे दक्षिण, मध्य और उत्तर भारत की ओर बढ़ता है। दिल्ली में मानसून की सामान्य आगमन तिथि जून के अंत या जुलाई के शुरुआती दिनों में मानी जाती है।
इस वर्ष भी मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि मानसून निर्धारित समय के आसपास दिल्ली पहुंच सकता है। हालांकि मानसून की रफ्तार और दिशा अरब सागर तथा बंगाल की खाड़ी में बनने वाली मौसमी परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
गर्मी से कब मिलेगी राहत?
पिछले कुछ दिनों से दिल्ली-एनसीआर में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। कई इलाकों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून के आगमन से पहले भी पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से हल्की बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे अस्थायी राहत मिलने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के सक्रिय होने के बाद अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जा सकती है। साथ ही वातावरण में नमी बढ़ने के कारण मौसम अपेक्षाकृत सुहावना हो जाएगा।
मानसून की संभावित टाइमलाइन
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार मानसून की प्रगति कुछ इस प्रकार हो सकती है:
- जून का पहला सप्ताह: दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय।
- जून का दूसरा और तीसरा सप्ताह: मध्य भारत और पूर्वी राज्यों की ओर मानसून की प्रगति।
- जून का अंतिम सप्ताह: दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों तक मानसून पहुंचने की संभावना।
- जुलाई का पहला सप्ताह: उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश क्षेत्रों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो सकता है।
हालांकि मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि मौसम की परिस्थितियों में बदलाव के कारण इन तिथियों में कुछ अंतर संभव है।
किसानों और जल संसाधनों के लिए अहम
मानसून केवल गर्मी से राहत ही नहीं देता, बल्कि देश की कृषि और जल आपूर्ति व्यवस्था के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण होता है। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश से भूजल स्तर में सुधार और जलाशयों में पानी की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद रहती है। वहीं उत्तर भारत के किसानों के लिए खरीफ फसलों की बुवाई में मानसून की अहम भूमिका होती है।
क्या कहता है मौसम विभाग?
मौसम विभाग लगातार मानसून की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में मानसून की प्रगति और बारिश के पैटर्न को लेकर नए अपडेट जारी किए जाएंगे। लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक बुलेटिन और चेतावनियों पर ध्यान दें।
कुल मिलाकर, दिल्ली-एनसीआर के लोगों को अभी कुछ दिन और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन जून के अंतिम सप्ताह तक मानसून की दस्तक के साथ मौसम का मिजाज बदलने की पूरी संभावना है। बारिश की पहली फुहारें राजधानीवासियों को गर्मी से राहत देने के साथ-साथ मानसून सीजन की शुरुआत का संकेत भी देंगी।








