26 जुलाई को मनाए गए कारगिल विजय दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में भारतीय सेना प्रमुख ने अपने संबोधन के दौरान वीरता, कर्तव्य और मातृभूमि के प्रति समर्पण को समर्पित एक भावुक कविता सुनाई। उनकी कविता की पंक्तियां— “मरना सभी को है, तुम भले मरो, करके नमक हलाल लड़ते हुए गिरो”— ने उपस्थित सैनिकों, पूर्व सैनिकों और देशवासियों के दिलों को छू लिया। समारोह में कुछ क्षणों के लिए पूरा माहौल देशभक्ति और शहीदों के सम्मान से भावुक हो उठा।
सेना प्रमुख ने अपने संबोधन में कहा कि कारगिल युद्ध केवल एक सैन्य जीत नहीं, बल्कि भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कारगिल के वीरों ने कठिन परिस्थितियों में अपने प्राणों की आहुति देकर देश की सीमाओं की रक्षा की और आने वाली पीढ़ियों के लिए साहस और बलिदान का अमिट उदाहरण प्रस्तुत किया।
कविता के माध्यम से उन्होंने सैनिकों को संदेश दिया कि देश सेवा केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सर्वोच्च सम्मान है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना का हर जवान राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए अपने कर्तव्य का पालन करता है और यही भावना सेना की सबसे बड़ी ताकत है।
समारोह के दौरान कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सेना के अधिकारियों, जवानों, शहीदों के परिजनों और विभिन्न गणमान्य लोगों ने वीर सैनिकों को नमन किया। पूरे कार्यक्रम में देशभक्ति के गीत, सैन्य बैंड की प्रस्तुतियां और शौर्य गाथाओं का स्मरण किया गया।
सेना प्रमुख की कविता का वीडियो और उनकी भावुक पंक्तियां सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं। हजारों लोगों ने इसे साझा करते हुए भारतीय सेना के साहस और बलिदान को सलाम किया। कई लोगों ने लिखा कि यह कविता हर भारतीय के दिल में देशभक्ति की भावना को और मजबूत करती है।
कारगिल विजय दिवस हर वर्ष 26 जुलाई को मनाया जाता है। वर्ष 1999 में भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय के तहत कारगिल की ऊंची चोटियों से घुसपैठियों को खदेड़कर तिरंगा फहराया था। इस ऐतिहासिक जीत की याद में देश हर साल अपने वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देता है और उनके अद्वितीय साहस को नमन करता है।
सेना प्रमुख का यह संदेश एक बार फिर याद दिलाता है कि भारत की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों का साहस, समर्पण और बलिदान ही देश की सबसे बड़ी शक्ति है। उनकी कविता ने न केवल कारगिल के वीरों को श्रद्धांजलि दी, बल्कि हर भारतीय के मन में राष्ट्रप्रेम और सैनिकों के प्रति सम्मान की भावना को भी और अधिक प्रगाढ़ कर दिया।







