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July 18, 2026 8:29 pm

अंडमान से निकली ऊर्जा की नई उम्मीद, प्राकृतिक गैस मिलने से बढ़ी आत्मनिर्भरता की राह

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भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। अंडमान सागर क्षेत्र में प्राकृतिक गैस के नए भंडार की खोज ने देश के ऊर्जा क्षेत्र में नई उम्मीद जगाई है। इस खोज को केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी ‘समुद्र मंथन मिशन’ की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने इस उपलब्धि को भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम बताया है। उनका कहना है कि अंडमान क्षेत्र में मिले गैस भंडार से भविष्य में घरेलू ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी और आयातित ईंधन पर निर्भरता कम हो सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह खोज ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। खासकर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच यह उपलब्धि भारत के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे देश की दीर्घकालिक ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में सहायता मिल सकती है।

सरकार का मानना है कि समुद्री क्षेत्रों में तेल और गैस की खोज के लिए चलाए जा रहे अभियान से आने वाले वर्षों में और भी महत्वपूर्ण संसाधनों का पता चल सकता है। अंडमान बेसिन को हाइड्रोकार्बन संसाधनों की दृष्टि से संभावनाओं वाला क्षेत्र माना जाता है और हालिया खोज ने इन संभावनाओं को और मजबूत किया है।

ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि यदि व्यावसायिक स्तर पर गैस उत्पादन शुरू होता है, तो इससे न केवल देश की ऊर्जा जरूरतों को बल मिलेगा बल्कि निवेश, रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। इस खोज को भारत के आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

देश में बढ़ती ऊर्जा मांग के बीच अंडमान में प्राकृतिक गैस की यह खोज भारत को ऊर्जा क्षेत्र में अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में नई संभावनाएं लेकर आई है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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