जयपुर: आज के दौर में जहाँ ज्यादातर युवा अपनी सफलता को व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित रखते हैं, वहीं जयपुर की 15 वर्षीय वाणी जैन ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और सेवा भावना से एक नई मिसाल पेश की है। महात्मा गांधी सरकारी विद्यालय में पढ़ने वाली वाणी ने साबित कर दिया कि असली सफलता केवल खुद आगे बढ़ने में नहीं, बल्कि दूसरों को साथ लेकर आगे बढ़ाने में होती है।
अपने 15वें जन्मदिन के अवसर पर वाणी ने पार्टी, केक और उपहारों की जगह समाज सेवा चुनी। उन्होंने 15 दिनों तक 85 बच्चों को निःशुल्क शतरंज प्रशिक्षण दिया। केवल शतरंज सिखाना ही उनका लक्ष्य नहीं था, बल्कि बच्चों में धैर्य, अनुशासन, एकाग्रता, निर्णय लेने की क्षमता और आत्मविश्वास विकसित करना भी था।
प्रशिक्षण के बाद वाणी ने सभी बच्चों को निःशुल्क शतरंज बोर्ड उपहार में दिए, ताकि कोई भी बच्चा आर्थिक तंगी के कारण अभ्यास से वंचित न रहे। साथ ही हर बच्चे को प्रमाण-पत्र और सम्मान पत्र प्रदान किए गए। वाणी ने इन बच्चों को शतरंज सिखाने के साथ-साथ विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेकर उन्हें मंच भी उपलब्ध कराया, जिससे उनके आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि हुई।
समाज का साथ
वाणी के इस नेक कार्य से प्रभावित होकर जयपुर के प्रसिद्ध जय श्री ज्वेलर्स ने अपने शोरूम का एक हिस्सा बच्चों के शतरंज प्रशिक्षण के लिए उपलब्ध कराया। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय आर्बिटर भगवती प्रसाद शर्मा, सीनियर कोच विक्रम सिंह, एडवोकेट पियूष शर्मा, दीपक राव समेत कई शतरंज विशेषज्ञों ने निःशुल्क कोचिंग देने का संकल्प लिया।
नई जिम्मेदारी
समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए वाणी के प्रयासों को व्यापक सराहना मिल रही है। हाल ही में वूमेन पावर सोशियलिटी फाउंडेशन के राष्ट्रीय खेलकूद विभाग ने उन्हें ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया है।
वाणी जैन कहती हैं कि शतरंज सिर्फ खेल नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। उनकी इस पहल से कई बच्चे मोबाइल और स्क्रीन की लत से दूर होकर बौद्धिक विकास की राह पर आगे बढ़ रहे हैं।
वाणी जैन एक सरकारी स्कूल की साधारण सी छात्रा हैं, लेकिन उनकी सोच और संकल्प उन्हें एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व बना चुका है। वे उन हजारों बच्चों के लिए उम्मीद की किरण हैं, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।
संदेश: “सफलता सिर्फ खेल जीतने में नहीं, बल्कि दूसरों को आगे बढ़ाने में है।”








