Delhi-NCR में ट्रांसपोर्टरों ने सरकार के खिलाफ बड़ा मोर्चा खोलते हुए हड़ताल की चेतावनी दी है। ट्रांसपोर्ट यूनियनों का कहना है कि अगर Green Tax को वापस नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में पूरे क्षेत्र में ट्रक और मालवाहक वाहनों का संचालन ठप कर दिया जाएगा।
ट्रांसपोर्ट संगठनों ने आरोप लगाया है कि ग्रीन टैक्स के कारण उनके संचालन खर्च में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे छोटे और मध्यम स्तर के ट्रांसपोर्ट व्यवसाय पर भारी असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि पहले से ही डीजल की कीमतों, टोल टैक्स और मेंटेनेंस खर्च के बोझ के बीच यह अतिरिक्त टैक्स व्यवसाय को नुकसान पहुंचा रहा है।
इसी मुद्दे को लेकर यूनियनों ने सरकार को 6 प्रमुख मांगों का अल्टीमेटम दिया है। इनमें ग्रीन टैक्स हटाने, टोल सिस्टम में सुधार, ईंधन की कीमतों में राहत और ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए विशेष नीति बनाने जैसी मांगें शामिल हैं।
ट्रांसपोर्ट यूनियन के नेताओं ने कहा कि अगर जल्द ही उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो दिल्ली-NCR में तीन दिन का चक्काजाम किया जाएगा। इस दौरान ट्रकों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी जाएगी, जिससे सप्लाई चेन और जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ सकता है।
व्यापारिक संगठनों ने भी इस संभावित हड़ताल पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि अगर ट्रक संचालन बंद होता है, तो बाजार में वस्तुओं की कमी और महंगाई बढ़ने की आशंका है।
वहीं प्रशासन की ओर से बातचीत की कोशिशें शुरू किए जाने की संभावना जताई जा रही है ताकि किसी भी तरह की हड़ताल को टाला जा सके। अधिकारियों का कहना है कि सभी पक्षों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और सभी की नजर सरकार और ट्रांसपोर्ट यूनियनों के अगले कदम पर टिकी है।








